मनोरंजन
12-Feb-2026
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मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि सतीश पेडनेकर परंपरागत फॉर्मूलों से हटकर अलग और प्रभावशाली कहानियों को चुनने के लिए जानी जाती हैं। उनके द्वारा अभिनीत ज्यादातर फिल्में ग्लैमर और अतिरंजित ड्रामा से दूरी रखते हुए समाज से जुड़े मुद्दों को बड़े पर्दे पर लाने का साहस दिखाती हैं। हाल ही में रिलीज हुई ग्लोबल ओटीटी हिट सीरीज़ ‘दलदल’ भी इसी सोच का हिस्सा है, जिसने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भूमि की पकड़ और मजबूत कर दी है। अमेज़न प्राइम पर स्ट्रीम हो रही यह साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर अमेरिका, यूके और यूएई सहित कई देशों में ट्रेंड कर रही है और दुनियाभर के दर्शक इसकी तारीफ कर रहे हैं। सीरीज़ की सफलता एक बार फिर यह साबित करती है कि भूमि के लिए माध्यम नहीं, बल्कि कहानी और अभिनय की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है। बड़े पर्दे पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद उन्होंने ओटीटी दुनिया में भी अपनी जगह उतनी ही मजबूती से बनाई है। भूमि की खासियत यह है कि वह हर बार ऐसे किरदार चुनती हैं, जिनमें जोखिम हो, गहराई हो और भावनात्मक तैयारी की जरूरत भी। जहां कई कलाकार चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं से बचते हैं, वहीं भूमि इन्हें अपने विकास का रास्ता मानती हैं। उनका कहना है कि किरदार जितना मुश्किल होगा, खुद को बेहतर साबित करने का मौका उतना ही ज्यादा मिलेगा। यही कारण है कि उनके काम में बनावट कम और वास्तविकता ज्यादा दिखाई देती है। ‘दलदल’ को मिल रही वैश्विक सराहना यह भी दिखाती है कि भूमि का हर चुनाव सोच-समझकर किया गया कदम होता है। फिल्मों से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक, उनका काम सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि दर्शकों के लिए एक अनुभव बनकर सामने आता है। इस सीरीज़ की सफलता के साथ भूमि ने यह साबित कर दिया है कि उनका हर जोखिम उनके करियर में एक नई ऊंचाई लेकर आता है। भूमि सतीश पेडनेकर ने अपने अभिनय से न सिर्फ भारतीय दर्शकों का विश्वास जीता है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी यह संदेश दिया है कि दमदार कंटेंट ही असली पहचान बनाता है। ‘दलदल’ की उपलब्धि के बाद वे उन अभिनेत्रियों में और मजबूत स्थान रखती हैं, जो निरंतर खुद को चुनौती देकर नए आयाम स्थापित करती हैं। बता दें कि भूमि सतीश पेडनेकर उन अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, जो परंपरागत फॉर्मूलों से हटकर अलग और प्रभावशाली कहानियों को चुनने के लिए जानी जाती हैं। उनकी फिल्मोग्राफी साफ तौर पर बताती है कि वह ग्लैमर और अतिरंजित ड्रामा से दूरी रखते हुए समाज से जुड़े मुद्दों को बड़े पर्दे पर लाने का साहस दिखाती हैं। अपनी शुरुआत से ही भूमि ने दम लगा के हईशा, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, पति पत्नी और वो, बधाई दो, शुभ मंगल सावधान, बाला, भक्षक, भीड़, थैंक यू फॉर कमिंग और सांड की आंख जैसी फिल्मों के जरिए मजबूत विषयों को उठाया है। इन फिल्मों में उनके किरदार न सिर्फ दर्शकों को प्रभावित करते हैं, बल्कि चर्चा और सराहना भी बटोरते हैं। सुदामा/ईएमएस 12 फरवरी 2026