कोलंबो (ईएमएस)। श्रीलंकाई बल्लेबाज भानुका राजपक्षा ने भारतीय खिलाड़ियों के बल्ले को लेकर दिये गये अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। वह तो भारतीय क्रिकेट और उनके खेल से जुड़े साजो सामान की की प्रशंसा ही कर रहे थे। इससे पहले राजपक्षा ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के बैट इसने अच्छे दिखते है जैसे की वे मोडिफाइड हों। ऐसा लगता है उनपर रबड़ की एक परत लगी हुई है और सबसे खास बात ये है कि कोई अन्य इन बल्लों को नहीं खरीद सकता है। श्रीलंकाई क्रिकेटर की इस टिप्पणी को बैट-टैंपरिंग के रूप में लिय गया। ये भी कहा गय कि वह भारतीय बल्लेबाजों के बल्लों पर सवाल उठाल रहे हैं। उनपर मानकों से हटकर अगल बल्ला इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे हैं। इसी विवाद को लेकर अब राजपक्षा ने कहा है कि उनकी बात को गलत समझा गया है। राजपक्षा ने कहा था, ‘हम जो सबसे अच्छे बल्ले पा सकते हैं, उससे भी कहीं बेहतर बल्ले भारतीय खिलाड़ियों के पास हैं। ऐसा लगता है कि जैसे उस पर रबड़ की कोई परत सी लगी हुई हो। मैं ये कल्पना नहीं कर सकता कि ऐसे बल्ले बनना कैसे संभव हो सकता है। खास बात से है कि इनका दूसरे खरीद तक नहीं सकते।’ राजपक्षा के इस बयान के बाद भारतीय टीम के बल्लों को लेकर सवाल उठने लगे थे। ये कहा जाने लगा कि क्या भारतीय खिलाड़ी किसी खास तरह का बल्ला या मॉडिफाइड बैट का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि इसे लेकर किसी ने भी आर्ईसीसी से कोई आधिकारिक शिकायत नहीं दर्ज कराई है। विवाद बढ़ता देख राजपक्षा ने कहा कि उनका इरादा कोई सवाल उठाना नहीं था। वह तो भारतीय खिलाड़ियों और वहां के क्रिकेट की प्रशंस कर रहे थे। साथ ही कि भारतीय क्रिकेट अविश्वसनीय रूप से बहुत आगे है, उसके खेल ढ़ांचे से लेकर उपकरणों की गुणवत्ता विश्व में सबसे बेहतर है। गिरजा/ईएमएस 12 फरवरी 2026