राज्य
12-Feb-2026


जबलपुर (ईएमएस)। जिला बुरहानपुर के जंगलों में अनुचित तरीके से गोंद निकालने से वृक्षों को तेजी से हो रही क्षति पर एक जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने गंभीर मामला मानकर, राज्य सरकार व वन विभाग को निर्देशित किया है कि वृक्षों को क्षति से तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। यह जनहित याचिका बुरहानपुर निवासी वन सुरक्षा समिति जंबू पाती के अध्यक्ष शौकत अली तथा किसान जितेन्द्र रावटोले की ओर से दायर की गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अहादुल्ला उसमानी ने न्यायालय को बताया कि विभिन्न वन समितियो के द्वारा पेशा नियम के बुरहानपुर के जंगलों से सराई, दबाड व अन्य वृक्षों में ईथफड्रेक्स प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर नामक केमिकल डालकर गोंद निकाली जा रही हैं साथ ही ज्यादा गोंद निकालने के लिए तापमान बढ़ाने के लिए वृक्षों के नीचे आग जलाई जाती हैं। सूचना के अधिकार में वन विभाग ने जानकारी दी कि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान कोलकाता की रिपोर्ट अनुसार के अनुसार केमिकल से सराई 89 प्रतिशत तथा धावड़ा के 79 प्रतिशत वृक्षों को नुक़सान पहुंचा हैं, तथा आग से बड़ी संख्या में वृक्ष तबाह हुए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तकनीकी साधनों से गोंद निकालने को अनुचित बताते हुए न्यायालय के माध्यम से वृक्षों को हानि होने से बचाने हेतु गोंद निकालने पर तत्काल रोक लगाने की प्रार्थना की थी। याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अहादुल्ला उसमानी ने पैरवी की। सुनील साहू / मोनिका / 12 फरवरी 2026/ 03.55