नरसिंहपुर, (ईएमएस)। सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश ने ग्राम पंचायत नकटुआ स्थित उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय पहुंचकर यहां संचालित विभिन्न योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत ने गौशाला में ट्रेविस (शेड) लगवाने संबंधी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही उन्होंने कार्यालय परिसर में स्थापित वैक्सीन कोल्ड रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वैक्सीन भंडारण की व्यवस्था, तापमान नियंत्रण प्रणाली एवं रख-रखाव की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत ने संबंधित अधिकारियों को शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। राहुल वासनिक/ ईएमएस / 12 फरवरी 2026. (नरसिंहपुर) टीकाकरण और एआई सेवाओं में नई डिजिटल क्रांति, अब पशुपालकों को मिलेगा पारदर्शी और त्वरित लाभ नरसिंहपुर, (ईएमएस)। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा पशुपालकों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान (एआई) जैसी आवश्यक सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है, जिससे इन सेवाओं में पारदर्शिता, सुगमता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस कदम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर पशुपालकों तक पहुंचेगा। नई व्यवस्था के तहत जब विभाग के फील्ड कर्मचारी आपके घर टीकाकरण या एआई सेवाओं के लिए आएंगे, तो वे आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह प्रक्रिया सेवाओं की डिजिटल एंट्री और ट्रैकिंग के लिए अनिवार्य की गई है, ताकि हर पशु का संपूर्ण स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और अद्यतन रह सके। डिजिटल रिकॉर्ड की सुविधा से पशुपालकों को समय पर अगले टीकाकरण, जांच या अन्य आवश्यक सेवाओं की सूचना मिल सकेगी। इससे पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन में सुधार होगा और अनावश्यक देरी या भ्रम की स्थिति समाप्त होगी। 1962 मोबाइल ऐप: अब पशुपालक ले सकते हैं जानकारियां सरकार द्वारा 1962 मोबाइल ऐप को और अधिक सशक्त बनाया गया है। यह ऐप पशुपालकों के लिए एक उपयोगी और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है। इसके जरिए पशुपालक अपने पशुओं के टीकाकरण और एआई सेवाओं का विवरण देख सकते हैं, पशुपालन से जुड़ी नवीनतम योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी बीमारी या समस्या की स्थिति में सीधे विभाग से संपर्क कर सकते हैं। पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से आग्रह किया है कि वे इस डिजिटल पहल में सहयोग करें और आधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर अपने पशुधन को स्वस्थ एवं सुरक्षित रखें। यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि पशुपालन को अधिक संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा। राहुल वासनिक/ ईएमएस / 12 फरवरी 2026.