क्षेत्रीय
12-Feb-2026
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विधायक यादव ने कहा. भारत की अर्थ व्यवस्था व भारतीय किसानों के विरुद्ध है यह समझौता खरगोन (ईएमएस)। अमेरिका- भारत अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध सामने आया है। भारत कृषक समाज ने इस समझौते पर आपत्ति दर्ज कराते हुए विधायक सचिन यादव के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर इस समझौते को निरस्त करने की मांग की है। गुरुवार शाम विधायक यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भारत कृषक समाज से जुड़े सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां विधायक यादव ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि यूएस- इंडिया ट्रेड डील भारत की अर्थ व्यवस्था व भारतीय किसानों के हितों से समझौता है। सरकार ने दबाव में आकर यह समझौता किया है। भारत कृषक समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के निर्देश पर हम सदस्य, भारत कृषक समाज जिला खरगोन के तत्वावधान में निवेदन करते हैं कि गत दिनों अमेरिका व भारत के मध्य हुआ, व्यापार करार एक तरफा अमेरिका के फायदे का है। संसद में चर्चा किए बिना हुए इस करार से भारतीय अर्थ व्यवस्था व मुख्य रूप से भारत के किसानों के साथ धोखा है। इससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएगा। भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले उत्पादों पर अमरीका 18 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा, जो विगत वर्षों में लग रहे टैरिफ दरों से लगभग 6 गुना अधिक है और अमेरिका से जो उत्पाद भारत आएगा, उस पर भारत कोई टैरिफ नहीं लगाएगा, जीरो प्रतिशत टैरिफ। केंद्रीय कृषिमंत्री व व्यापार मंत्री गण कहते रहे हैं कि भारत का कृषि क्षेत्र पूर्णतः संरक्षित रहेगा, लेकिन भारत के किसानों के साथ धोखा हुआ है। सोयाबीन का आयात नहीं होगा, लेकिन सोया तेल का आयात होगा। मक्का का आयात नहीं होगा, लेकिन डेयरी में मक्के से बना केटल फीड डीडीजी का आयात होगा। अमरीका व्यापार मंत्रालय ने घोषणा की है अमेरिका के कृषि क्षेत्र को भारत का बाजार जीरो प्रतिशत टैरिफ पर उपलब्ध होगा, जिससे अमेरिका के किसानों को लाभ मिलेगा । विधायक यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि इस निर्णय से भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। अमेरिका में 2 प्रतिशत लोग खेती करते हैं और औसत जोत 450 एकड़ प्रति किसान है। उस पर कृषि क्षेत्र को 60 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी सरकार देती है। भारत में आज भी 50 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है।औसत जोत 1 1.15 एकड़ है और बजट का मात्र 3 प्रतिशत सब्सिडी सरकार कृषि क्षेत्र को देती है। इन विषम परिस्थितियों में भारत का किसान अमेरिका के किसानों से कैसे प्रति स्पर्धा कर पाएगा । अमेरिका क 5 वर्षों में 500 बिलियन डॉलर अर्थात 40 लाख करोड़ का माल भारत भेजने का लक्ष्य है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था बूरी तरह चौपट होने की आशंका है। संयुक्त किसान मोर्चा के देश व्यापी आंदोलन को भारत कृषक समाज सर्मिन करते हुए इस डील को निरस्त करने की मांग करता है। ज्ञापन का वाचन लखन पाटीदार ने किया। इस दौरान सुरेश चंदेल, राजेंद्र सिंह पंवार, जगदीश वानखेड़े, शाहरुख मिर्जा, लोभीराम कर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। ईएमएस / 12/02/2026