व्यापार
13-Feb-2026


-कितना सही साबित होगा ट्रंप का यह दावा वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील का जिक्र करते हुए इसे ऐतिहासिक डील बताया है। उन्होंने कहा कि यह डील अमेरिका के कोयला निर्यात को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। ट्रंप ने इस समझौते को वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिका की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय दुनिया का नंबर एक ऊर्जा उत्पादक देश बन चुका है और अब तेजी से एक बड़े ऊर्जा निर्यातक के रूप में उभर रहा है। अब देखना यह होगा कि ट्रंप का यह दावा आने वाले दिनों में कितना सही साबित होता है। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ ‘ऐतिहासिक व्यापार समझौते’ किए हैं, जिनका मकसद अमेरिकी कोयले के निर्यात को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि हमारा कोयला दुनिया में सबसे बेहतरीन गुणवत्ता का माना जाता है। इसी गुणवत्ता के आधार पर हम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि भारत के साथ हुई यह व्यवस्था केवल एक साधारण व्यापार सौदा नहीं, बल्कि अमेरिका की व्यापक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिकी कोयले को प्रीमियम उत्पाद के रूप में स्थापित किया जा रहा है। राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि अमेरिका अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ट्रंप के मुताबिक इन नए समझौतों से अमेरिकी खनन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। हालांकि ट्रंप ने समझौते की सटीक शर्तों या मात्रा का खुलासा नहीं किया, लेकिन उन्होंने इसे अमेरिका के ऊर्जा निर्यात विस्तार की दिशा में ‘बड़ा ब्रेकथ्रू’ बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत के साथ कोयला आयात बढ़ता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई प्रतिस्पर्धा को जन्म दे सकता है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रही है। ट्रंप के बयान से साफ है कि उनकी सरकार अमेरिकी ऊर्जा संसाधनों, खासकर कोयले, को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आक्रामक रूप से आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। वैश्विक स्थितियां लगातार बदल रही हैं, ऐसे में वाकई यह देखने वाली बात होगी कि ट्रंप का दावा कहां तक टिक पाता है। सिराज/ईएमएस 13 फरवरी 2026