:: 19 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा नया कार्यकाल; बैंक के यूनिवर्सल बैंकिंग ट्रांजेक्शन के महत्वपूर्ण दौर में नियामक ने नेतृत्व पर जताया भरोसा :: :: यूनिवर्सल बैंक बनने की दहलीज पर नेतृत्व में स्थिरता :: मुंबई (ईएमएस)। भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के शीर्ष नेतृत्व को लेकर बड़ी खबर आई है। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने संजय अग्रवाल को अगले तीन वर्षों के लिए बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर पुनर्नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 19 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। :: यूनिवर्सल बैंक की ओर बढ़ते कदम :: आरबीआई की यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब एयू बैंक एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। बैंक को हाल ही में स्मॉल फाइनेंस बैंक से यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के दौर में संजय अग्रवाल का अनुभव और नेतृत्व की निरंतरता बैंक की भावी विकास यात्रा और तैयारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। :: विश्वास की निरंतरता :: संजय अग्रवाल वर्ष 2008 से संस्था के साथ बतौर एमडी जुड़े हुए हैं। उनके नेतृत्व में एयू बैंक ने एक छोटी एनबीएफसी से देश के सफलतम स्मॉल फाइनेंस बैंक तक का सफर तय किया है। बैंक के चेयरमैन हारुन आर खान ने आरबीआई के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शीर्ष स्तर पर नेतृत्व की निरंतरता बैंक की रणनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्टता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने में मदद करेगी। :: अग्रवाल के नेतृत्व में एयू की उपलब्धियां :: - डिजिटल क्रांति : एयू 0101 और एआई-आधारित डेटा बैंकिंग की शुरुआत। - मजबूत सुशासन : नियमों के पालन और पारदर्शी बैंकिंग में मिसाल। - जोखिम प्रबंधन : संतुलित और सावधानीपूर्ण जोखिम प्रबंधन रणनीति। - खुदरा विस्तार : सुरक्षित खुदरा क्षेत्र (Retail Sector) में अनुशासित विस्तार। :: ईमानदारी और नवाचार पर रहेगा जोर :: अपनी पुनर्नियुक्ति पर संजय अग्रवाल ने नियामक का आभार जताते हुए कहा, पिछले वर्षों में हमने समावेशन और ईमानदारी पर आधारित बैंक बनाया है। आने वाले तीन वर्षों में हमारा ध्यान सुरक्षित खुदरा व्यवसाय को मजबूत करने, जमा आधार बढ़ाने और एयू को देश के लाखों लोगों के लिए एक विश्वसनीय व आधुनिक बैंक बनाने पर रहेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बैंक के निदेशक मंडल और शेयरधारकों ने दिसंबर 2025 में ही उनकी पुनर्नियुक्ति को हरी झंडी दे दी थी, जिस पर अब आरबीआई ने अंतिम मुहर लगा दी है। प्रकाश/13 फरवरी 2026