- सड़क हादसे में हुई थी बेटे की मौत, केवायसी के दौरान पता चला था बीमा के बारे में सहारनपुर (ईएमएस)। सहारनपुर जिले के नानौता क्षेत्र के तिलफरा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह अपने 21 वर्षीय बेटे वंश राणा की अक्टूबर 2024 में देहरादून लौटते समय सड़क हादसे में मृत्यु के बाद गहरे शोक और आर्थिक संकट में फंस गए। बेटे की मृत्यु से सदमे में आई माता का कुछ समय बाद देहांत हो गया। विदेश भेजने की तैयारी में घर और चार बीघा जमीन बेच चुके सुरेंद्र सिंह अब अपने ताऊ के बेटे के मकान में शरण लिए थे। सवा साल बाद बैंक कर्मचारियों की केवायसी प्रक्रिया के दौरान पता चला कि वंश राणा ने भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से केवल 1000 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 20 लाख रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस लिया था। हालांकि दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण बीमा राशि का दावा करना पिता के लिए मुश्किल था। नानौता शाखा के प्रबंधक ने आवश्यक दस्तावेज जुटाकर उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। क्षेत्रीय प्रबंधक और मुख्य प्रबंधकके समन्वय से बीमा राशि रिकॉर्ड समय में स्वीकृत हुई और 20 लाख रुपये सीधे सुरेंद्र सिंह के खाते में जमा कर दिए गए। सुरेंद्र सिंह ने बैंक अधिकारियों की निस्वार्थ सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। बैंक ने आम जनता से अपील की कि वे अपनी छोटी बचत से बीमा पॉलिसियां जरूर कराएं, क्योंकि संकट के समय यह मामूली निवेश परिवार के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकता है। यह घटना न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली पर जनता के विश्वास को भी मजबूत करती है। सतीश मोरे/14फरवरी ---