क्षेत्रीय
14-Feb-2026
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जशपुर(ईएमएस)। भारत सरकार के वर्ष 2027 तक देश से फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन के संकल्प के तहत जशपुर जिले में व्यापक सामूहिक दवा सेवन अभियान शुरू कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में जिले के सभी विकासखंडों में इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से 9 लाख 90 हजार 800 लोगों को फाइलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। अभियान दो चरणों में संचालित किया जा रहा है। पहला चरण 10 से 12 फरवरी तक चला, जिसमें जिले के 3,143 बूथों पर स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों में लोगों को दवा दी गई। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने फाइलेरिया उन्मूलन का संकल्प लिया। दूसरे चरण की शुरुआत 13 फरवरी से हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फाइलेरिया मच्छरों से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन लंबे समय तक संक्रमण रहने पर हाथ-पांव में सूजन (हाथीपांव), बार-बार बुखार और पुरुषों में जननांग क्षेत्र में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी लाइलाज मानी जाती है, लेकिन समय पर दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। दवा लेने के बाद कुछ लोगों को हल्का बुखार, सिरदर्द या उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है, जिसे दवा के प्रभाव का सामान्य संकेत बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दो वर्ष से अधिक आयु के स्वस्थ व्यक्तियों को यह दवा दी जा सकती है, जबकि गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को दवा नहीं दी जाएगी। डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की गोलियां उम्र व ऊंचाई के अनुसार निःशुल्क वितरित की जा रही हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)14 फरवरी 2026