14-Feb-2026
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- 15-16 साल बाद जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई तक होगा भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में 2011 के बाद 1 मई से जनगणना का काम शुरू होने जा रहा है। यह पहला मौका होगा जब पूरी जनगणना डिजीटल माध्यम से की जाएगी। आम व्यक्ति मोबइल एप पर खुद भी जनगणना से जुड़ी पूरी जानकारी दे सकता है। जनगणना के दौरान हर व्यक्ति को जनगणना से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 15-16 साल बाद होने जा रही जनगणना में इस बार डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। जनगणना के दौरान सरकारी कर्मचारी प्रगणक मोबाइल एप का उपयोग कर जनगणना करेंगे। जनगणना के लिए कुछ विशेष डिजिटल टूल तैयार किए गए हैं, इसमें ही प्रगणक घर-घर जाकर लोगों के परिवार और उनसे जुड़ी जानकारी जुटाएंगे। डेटा को एप के माध्यम से रियल टाइम पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। 15 अप्रैल से भर सकेंगे ऑनलाइन जानकारी इस बार जनगणना में आम नागरिक एप के माध्यम से जनगणना से जुड़ी तमाम जानकारी खुद ही भर सकेंगे। यह बेहद आसान होगा, इसमें एक पेज खुलेगा, जिसमें एक-एक कर पूरी जानकारी भरनी होगी और यह जानकारी अपलोड हो जाएगी। हालांकि, इसके बाद भी प्रगणक घर पहुंचेंगे और जानकारी भरे जाने की पुष्टि करेंगे। इससे प्रगणक का समय बचेगा और लोगों की सहभागिता भी इसमें होगी। जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई तक होगा, लेकिन लोगों द्वारा 15 अप्रेल से 30 अप्रेल तक अपना डाटा खुद भरा जा सकेगा। कई बार डेटा भरने में गलती हो जाती है। इसलिए प्रगणक खुद पहुंचकर चैक करेंगे। जनगणना में जानकारी देना और सही जानकारी देना अनिवार्य है। जानकारी देने से रोका तो कार्रवाई होगी। जनगणना में जानकारी नहीं देने पर कार्रवाई का प्रावधान यदि कोई जानकारी देने से इंकार करता है या दूसरों को देने से रोकता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने का प्रावधान किया गया है। जनगणना में किसी को झूठी जानकारी देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जनगणना के बाद पूरे क्षेत्र की जनता के हिसाब से डाटा तैयार किया जाता है, इसमें किसी एक व्यक्ति के डाटा का कोई महत्व नहीं होता और न ही किसी व्यक्ति की जानकारी सार्वजनिक की जाती है। कानून में प्रावधान है कि जनगणना की व्यक्तिगत जानकारी किसी को नहीं बताई जाएगी। दसूरे चरण में जातिगत जनगणना गृह विभाग के मुताबिक जनगणना का दूसरा और अंतिम चरण फरवरी 2027 को होगा। दूसरे चरण में जातिगत जनगणना होगी। इसके लिए प्रदेश में अधिकारियों का प्रशिक्षण अलग से कराया जाएगा। पहले चरण में सिर्फ लोगों की व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाएगी। देना होगा 33 सवालों का जवाब जनगणना में लोगों को 33 सवालों का जवाब देना होगा। इसमें मकान की जानकारी, घर किस प्रकार का है? कमरे कितने हैं? घर किराए या स्वयं का है? परिवार की जानकारी, इसमें घर में रहने वाले परिवारों की संख्या, विवाहित दंपत्तियों और बच्चों की जानकारी, घर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसे टीवी, फ्रिज, लैपटॉप, कम्प्यूटर, साइकिल, कार की जानकारी और परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की भी जानकारी ली जाएगी। विनोद / 14 फरवरी 26