अंतर्राष्ट्रीय
14-Feb-2026


तेलअवीव,(ईएमएस)। इजरायल ने पाकिस्तान को गाजा में कोई एग्जीक्यूटिव भूमिका निभाने से रोकने का साफ संदेश अमेरिका को दे दिया है। तेलअवीव में दिए एक इंटरव्यू में इजरायली राजदूत रियूवेन अजार ने बताया कि पाकिस्तान को डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति पहल में शामिल होने का आमंत्रण मिला था, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका कोई रोल नहीं है। पाकिस्तान उन इस्लामिक देशों में शामिल है, जो ट्रंप की शांति पहल में भाग ले रहे हैं, लेकिन इजरायल इस मान्यता नहीं देता, इसलिए पाकिस्तान की बोर्ड में भागीदारी हमेशा विवादित रही है। पाकिस्तान ने गाजा में इंटरनेशनल स्टैबिलाइजेशन फोर्स (आईएसएफ) का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिसंबर 2025 में कहा था कि वॉशिंगटन आईएसएफ में पाकिस्तान की कोशिशों का स्वागत करता है। इजरायली राजदूत ने भारत पर हमला करने वाले पाकिस्तान-समर्थित आतंकवादी समूहों और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच बढ़ते संपर्कों की भी चिंता जाहिर की है। अजार ने कहा कि इजरायल इन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहा है और इन हिस्सों में आतंकवादियों के बढ़ते आवागमन और बातचीत पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी आम नागरिकों पर अत्याचार कर रहे हैं और 7 अक्टूबर 2025 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जो गंभीर चिंता का विषय है। इस संदर्भ में, भारत और इजरायल मिलकर ऐसी क्षमताओं का निर्माण कर रहे हैं, जिससे इन खतरों से निपटा जा सके। अजार ने भारत की तेजी से बढ़ती ताकत और वैश्विक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत न केवल आर्थिक रूप से तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि दुनिया के लिए नए ट्रेड एग्रीमेंट्स और परियोजनाओं के जरिए खुल रहा है। इजरायली राजदूत ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत इस इलाके में वर्किंग फोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां और विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से योगदान दे सकता है। इससे क्षेत्रीय देशों को फायदा होगा और भारत की वैश्विक साख भी मजबूत होगी। कुल मिलाकर, इजरायल का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तान की गाजा में सीधी भागीदारी नहीं होगी, जबकि भारत को मध्यपूर्व में शांति और विकास में अहम भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। आशीष दुबे/ 14 फरवरी 2026