अंतर्राष्ट्रीय
14-Feb-2026


ट्रम्प ने दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत को मिडिल-ईस्ट भेजा...क्षेत्र में पहले से यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात, यूएस की चेतावनी ईरान शर्ते मानें...नहीं तो होगी जंग -मस्कट में परमाणु समझौते को लेकर बैठक बेनतीजा होता देख ट्रंप बोले-ईरान में सत्ता परिवर्तन ही बेहतर विकल्प वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। जेराल्ड को मिडिल ईस्ट पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा। वहां पहले से अब्राहम लिंकन कैरियर और दूसरे युद्धपोत तैनात हैं। इसके अलावा हाल के हफ्तों में कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी मिडिल ईस्ट में भेजे गए हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरानी हमारी शर्तें माने नहीं तो परिणाम घातक होंगे। वहीं ईरान ने कहा है कि डराकर हमसे कुछ नहीं करवा सकते। हम हर तरह से जवाब देने को तैयार हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गाड्र्स ने कहा है कि अगर उसके क्षेत्र पर हमला हुआ तो वह किसी भी अमेरिकी बेस को निशाना बना सकती है। मिडिल-ईस्ट में इराक, जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और तुर्की में अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं। गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के सामने चार शर्तें रखी हैं। पहला यूरेनियम एनरिचमेंट पर पूर्ण प्रतिबंध, दूसरा पहले से संवर्धित यूरेनियम को हटाना, तीसरा लंबी दूरी की मिसाइलों की संख्या सीमित करना और चौथा क्षेत्रीय प्रॉक्सी बलों को मदद देना बंद करना शामिल है। लेकिन ईरान अमेरिका की शर्तें मानने को तैयार नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो वे दूसरा कैरियर भेजने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में ईरान के साथ समझौता हो सकता है, नहीं तो स्थिति बहुत गंभीर और दर्दनाक हो सकती है। ट्रम्प ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना का खुलकर जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान में सत्ता बदलती है तो यह सबसे अच्छी बात होगी। नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मिलने के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या अमेरिका ईरान की इस्लामिक धार्मिक नेतृत्व को हटाने के लिए दबाव बनाएगा। इस पर ट्रम्प ने कहा कि ऐसा लगता है कि यही सबसे अच्छा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान का धार्मिक शासन 47 साल से सिर्फ बात कर रहा है। ट्रंप की ईरान को चेतावनी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया कि अब हम इस मुद्दे को हमेशा के लिए सुलझा देंगे। समझने वाली बात यह है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत पश्चिम एशिया की ओर मोड़ दिया है। इस युद्धपोत को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमारे सामने ऐसी स्थिति खड़ी हो चुकी है कि हमें ईरान की ओर अपना बड़ा विमानवाहक पोत भेजना पड़ा है। अब मैं सिर्फ यह देखना चाहता हूं कि क्या सच में कोई समझौता हो पाएगा या नहीं। फिलहाल मुझे किसी भी तरह का समझौता होना मुश्किल लग रहा है। पिछली बार समझौता हो गया था। डराकर हमसे कुछ नहीं करवा सकते अमेरिका के यूरेनियम इनरिचमेंट रोकने की मांग का जवाब देते हुए ईरान ने कहा है कि वह प्रोग्राम किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा, चाहे उसे सैन्य धमकियां मिलें या नए प्रतिबंध लगाए जाएं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान को डराकर उसकी परमाणु नीति नहीं बदली जा सकती और अमेरिका की मंशा पर हमें भरोसा नहीं है। अराघची ने साफ कहा था कि यूरेनियम संवर्धन ईरान के लिए किसी भी हालत में समझौते का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी देश को यह अधिकार नहीं है कि वह ईरान को बताए कि उसे क्या करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती ईरान को डराने में नाकाम रहेगी। उन्होंने दोहराया कि ईरान ऐसा कोई समझौता नहीं करेगा जो उसकी आजादी और सम्मान के खिलाफ हो। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंधों में राहत मिलती है तो ईरान भरोसा बढ़ाने वाले कुछ कदमों पर विचार कर सकता है, लेकिन यह सब आपसी सम्मान पर निर्भर करेगा। कतर बेस पर ट्रकों पर मिसाइल सिस्टम तैनात किए इस बीच सैटेलाइट तस्वीरों में सामने आया है कि अमेरिका ने कतर के अल-उदीद बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को स्थायी लॉन्चर की जगह ट्रकों पर तैनात किया गया है। यह मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। अलग-अलग बेस पर विमानों की संख्या भी बढ़ी है। फोरेंसिक इमेजरी एनालिस्ट विलियम गुडहाइंड के मुताबिक, जनवरी की तुलना में फरवरी की सैटेलाइट तस्वीरों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधि बढ़ी हुई नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि फरवरी की शुरुआत में अल-उदीद बेस पर पैट्रियट मिसाइलें ट्रकों पर लगी नजर आईं। उनके अनुसार, मिसाइलों को ट्रकों पर रखने से उन्हें जल्दी एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है या हमले की स्थिति में नई पोजिशन पर तैनात किया जा सकता है। विनोद उपाध्याय / 14 फरवरी, 2026