-खड़गे का वीडियो वायरल, यूजर्स बोले- क्या ओवैसी से कांग्रेस को लग रहा डर नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष, पार्टी सांसद इमरान मसूद को संसद परिसर में यह कहते नजर आ रहे हैं कि ‘हैदराबादी परेशानी को उत्तर प्रदेश में घुसने मत देना’, वरना ‘वो खुद भी डूबेगी और हमें भी डुबो देगी।’ इस वीडियो से सोशल मीडिया पर तहलका मच गया है, जहां ज्यादातर यूजर्स इसे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से जोड़कर देख रहे हैं। वीडियो में खड़गे इमरान मसूद से यह कहते दिख रहे हैं, ‘हैदराबादी परेशानी को यूपी में मत घुसने दो। वह खुद बर्बाद हो जाएगा और हमें भी बर्बाद कर जाएगा। तुम जानते हो– हैदराबाद शहर तीन चीजों के लिए मशहूर है– एक शेरवानी, बिरयानी और तीसरी परेशानी।’ खड़गे ने इस दौरान सीधे तौर पर किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यूजर्स का मानना है कि उनका इशारा ओवैसी और उनकी पार्टी एआईएमआईएम की ओर था, जो हैदराबाद से ताल्लुक रखती है। कुछ लोगों का कहना है कि कांग्रेस यूपी में ओवैसी या उनकी पार्टी के असर से सतर्क रहना चाहती है, क्योंकि इससे विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है। एक्स पर कई यूजर्स ने वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस को किस ‘हैदराबादी परेशानी’ से डर है। कुछ पोस्ट्स में यह भी कहा गया कि यह टिप्पणी कांग्रेस और एआईएमआईएम के रिश्तों को लेकर असहजता को दिखाती है। इमरान मसूद यूपी से सांसद हैं और मुस्लिम समुदाय में अच्छी पैठ रखते हैं। खड़गे की यह चेतावनी कांग्रेस की आंतरिक रणनीति को दर्शाती है, जहां वे यूपी में वोट बैंक को एकजुट रखना चाहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि तेलंगाना में कांग्रेस अक्सर ही एआईएमआईएम को ‘फ्रेंडली पार्टी’ कहती रही है। यहां तक कि जुबिली हिल्स उपचुनाव के दौरान सीएम ए. रेवंत रेड्डी ने एमआईएमआईएम के साथ तालमेल का खुलकर बचाव भी किया था। ऐसे में उत्तर प्रदेश को लेकर खड़गे की यह टिप्पणी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर यह साफ नहीं किया गया है कि ‘हैदराबादी परेशानी’ से उनका आशय किससे था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ऐसे कारक से बचना चाहती है जो उसके लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। सिराज/ईएमएस 14फरवरी26