- भगवान शिव के विवाह उत्सव पर बारात आज जबलपुर (ईएमएस)। महाशिवरात्रि पर्व पर, बन रहे कई खास योग, इन चार शुभ मुहूर्त में अभिषेक कर भोलेनाथ को करें प्रसन्न महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस साल भोले बाबा का महापर्व महाशिवरात्रि 15 फरवरी को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि को मनाई जाएगी। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन विशेष रूप से शुभ चर्तुग्रही योग बन रहा है। 48 साल बाद फिर महाशिवरात्रि पर्व पर यह योग बने हैं। पंचाग के अनुसार घनिष्ठा नक्षत्र पर परिघ योग, शकुनीकरण और मकर राशि की चंद्रमा की उपस्थिति में शिवरात्रि आ रही है| भगवान शिव के महापर्व को लेकर शहर के शिव मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन शिवलिंग का पंचोपचार पूजन और रात्रि जागरण विशेष फलदायी होता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना कई गुना अधिक फल देती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से युवतियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि भगवान शिव का विवाह उत्सव हैं। देवाधिदेव महादेव भोलेशंकर का महापर्व शिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि आज रविवार 15 फरवरी को नगर में धार्मिक आस्था और श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर नगर के शिव मंदिरों, देवालयों में विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। जगमग रोशनी से सजे शिवालय........ आकर्षक विद्युत साज सज्जा से नहाए शिवमंदिरों में शिवरात्रि पर्व पर सुबह से लेकर देर रात तक भक्तजनों का जनसैलाब उमड़ेगा। मंदिरों में अभिषेक, पूजन के साथ भजन, कीर्तन का भी दौर चलेगा। कचनार सिटी विजय नगर स्थित बड़े महादेव मंदिर में स्थापित भगवान शिव की भव्य एवं विशालकाय प्रतिमा के समक्ष आज श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ जुटेगी। भरतीपुर स्थित शिव पार्वती मंदिर से विगत कई वर्षों से निकाली जा रही शिव पार्वती बारात इस साल भी सायंकाल अनेक झांकियों सहित धूम-धाम के साथ निकाली जाएगी। इसी तरह गौरीघाट स्थित साकेत धाम, बड़ा फुहारा स्थित शिव मंदिर, गंजीपुरा शिवमंदिर के अलावा नगर के विभिन्न शिव मंदिरों में आज शिवरात्रि पर दिन भर भक्तों की भीड़ जुटेगी। घरों में श्रद्धालुजन दिन भर का व्रत रखकर भोलेनाथ का पूजन, अभिषेक करेंगे। शिव पूजन के अनेक रूप......... ज्योतिषाचार्य पं. पीएल गौतमाचार्य के अनुसार शास्त्रों में शिव पूजन के अनेक रूपों की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग कामनाओं के आधार पर इनका पूजन विधान भी वर्णित किया गया है परंतु पार्थिव शिवलिंग पूजन का अपना अलग महत्व है। हाथ की लकीरें बदलती हैं शिवलिंग निर्माण में। इस कारण अनेक भक्त मिट्टी के शंकरजी स्वयं बनाते हैं। माना जाता है कि शिवलिंग बनाने में हाथ की दुर्भाग्य रेखायें सौभाग्य रेखा में बदलती हैं। ऐसे करें पूजन.......... ज्योतिषाचार्य पं.पीएल गौतमाचार्य ने ईएमएस को बताया कि इस व्रत में रात्रि जागरण व पूजन का बड़ा ही महत्व है, इसलिए सायंकाल स्नानादि से निवृत्त होकर वैदिक मंत्रों द्वारा प्रत्येक पहर में पूर्व या उत्तराभिमुख होकर रूद्रभिषेक करना चाहिए। इसके बाद सुगंधित पुष्प, गंध, चंदन, विल्व पत्र, धतूरा, धूपदीप, भांग, नैवेद्य द्वारा रात्रि के चारों पहर में पूजा करनी चाहिए। घर, शिवालयों में भी पहर में करते हुए ओम् नम: शिवाय का जप करना चाहिए। जगह-जगह भंडारे आयोजित........ महाशिवरात्रि पर्व पर जगह-जगह भंडारों के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। नगर के अति प्राचीन शिवालय स्वयं सिद्ध पीठ गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिंपलेश्वर महादेव मंदिर, कचनार सिटी के बड़े शंकर जी, सिद्धेश्वर महादेव जिलहरीघाट, बड़े शिवालय गंजीपुरा और बड़े महावीर मंदिर, में स्थित शिवालयों में आज महाशिवरात्रि के मेले का आयोजन भी होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचेंगे। गुप्तेश्वर में भगवान का अद्भुत श्रंगार किया जाएगा, वहीं बड़े शिवालय कचनार सिटी में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने मेला भरेगा। बड़े महावीर फुहारे के पास शिवालय में बाबा अमरनाथ की झांकी भी सजाई जाएगी। भूत-प्रेत, घोड़े-हाथी सब बनेंगे बाराती......... इस अवसर पर परम्परानुसार शिव-पार्वती मंदिर भरतीपुर से सायंकाल भगवान भोलेनाथ की आकर्षक बारात निकाली जाएगी। बारात में भूत-प्रेत, घोड़े-हाथी और अन्य बाराती भी शामिल होंगे। भगवान की मनमोहक झांकियां बारात में प्रस्तुत की जाएंगी। श्रीशिव पार्वती प्राचीन सिद्ध मंदिर अखण्ड मानस महायज्ञ सेवा समिति के तत्वावधान में सायं 6 बजे भरतीपुर सोनकर (खटीक) समाज द्वारा शिव पार्वती शोभायात्रा (बारात) जुलूस शिव पार्वती मंदिर भरतीपुर से धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। शोभायात्रा में विभिन्न झांकिया आकर्षण का केन्द्र होंगी। शोभायात्रा भरतीपुर से ओमती, तुलराम चौक, करमचंद चौक, मालवीय चौक, लार्डगंज, बड़ा फुहारा, कमानिया गेट, कोतवाली, मिलौनीगंज, हनुमानताल, भानलैया, घमापुर चौक, लकड़गंज, दर्शन चौक होते हुए शिव पार्वती मंदिर भरतीपुर पहुंचेगी जहां भगवान शिव-पार्वती का विवाह संपन्न होगा। शिव पंचायतन मंदिर में चारों पहर का अभिषेक आज................ नर्मदा तट गौरीघाट स्थित हजारों वर्ष प्राचीन शिव पंचायतन मंदिर में 15 फरवरी रविवार को शाम 7 बजे से चार पहर का अभिषेक होगा, जो सुबह तक चलेगा। महाअभिषेक पूजन प्रसिद्ध यज्ञाचार्य, भागवत कथा वाचक पंडित राधेश्याम शर्मा शास्त्री के निर्देशन में 11 विप्र पुरोहितों द्वारा सम्पन्न कराया जाएगा, मंदिर व्यवस्था के सदस्य संदीप जैन, अभिषेक तिवारी, अजीत श्रीवास्तव, अभिषेक उसरेठे, विजय यादव, ओंकार दुबे, विवेक शर्मा आदि ने समस्त श्रद्धालुओं से उपस्थिति का आग्रह किया है। प्रमुख मंदिरों में उमड़ेगी भीड़............... महाशिवरात्रि पर शहर के प्रमुख मंदिर शिव मंदिर कचनार सिटी, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, रामेश्वरम् महादेव मंदिर साकेतधाम गौरीघाट मंदिर, गैबी नाथ मंदिर पिसनहारी मढ़िया, सर्वमंगला गौरीशंकर मंदिर मिल्क स्कीम, शाहनाला शिव मंदिर, सहित अन्य शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ेगी। महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत शिव मंदिर कचनार सिटी में आज से अखंड रामायण का पाठ प्रारंभ हो गया है। सुबह भगवान शिव के रुद्राभिषेक के बाद राम दरबार का पूजन-अर्चन किया गया। इसके साथ ही साकेत धाम गौरीघाट एवं प्रज्ञाधाम कटंगी में भी शिवरात्रि महोत्सव के तहत विभिन्न अनुष्ठान हो रहे हैं। इसके साथ ही गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भी अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। सुनील साहू / मोनिका / 14 फरवरी 2026