अमरावती, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के अमरावती जिला सत्र न्यायलय के पांच न्यायाधीशों और चार न्यायालयीन कर्मचारियों के घरों में चोरों ने सेंध लगाई और चोरी की। चोरों की भी हिम्मत देखिए जो उन्होंने पुलिस की सुरक्षा में न्यायाधीशों की कॉलोनी होने के बावजूद चोरी की वारदात को अंजाम दिया। न्यायाधीशों की कॉलोनी, जो दो हिस्सों में बंटी हुई है, में पांच न्यायाधीश शनिवार और रविवार को लगातार दो दिन की छुट्टी होने की वजह से शहर से बाहर गए हुए थे और उनके घरों में ताला लगा हुआ था। साथ ही, न्यायालयीन कर्मचारियों की कॉलोनी में कुल चार कर्मचारी शहर से बाहर गए हुए थे और उनके घरों में ताला लगा हुआ था। चोरों ने न्यायाधीशों के नल दमयंती के नए फ्लैट में कुल तीन घरों में सेंध लगाई, जबकि इस फ्लैट के बगल में पैनगंगा के फ्लैट में रहने वाले दो न्यायाधीशों के घरों में सेंध लगाई। चोरों ने न्यायाधीशों के नए फ्लैट के पीछे न्यायालयीन कर्मचारियों के कुल तीन इमारतों में स्थित चार फ्लैटों में सेंध लगाई और चोरी की। दिलचस्प बात यह है कि शनिवार और रविवार को छुट्टी होने की वजह से चोरों को अंदाज़ा हो गया होगा कि कॉलोनी में कौन-कौन बाहर गया है और कितने घरों में ताले लगे हैं। उन्होंने पहले ही कॉलोनी की टोह ले ली होगी। सुबह 4 बजे न्यायाधीश कॉलोनी में चोरी की खबर मिलने पर अमरावती पुलिस कमिश्नर राकेश ओला और पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे समेत पुलिस टीम न्यायाधीश कॉलोनी इलाके में पहुंची। फोरेंसिक डिपार्टमेंट के अधिकारी और कर्मचारी भी न्यायाधीशों के घर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर ने खुद सुबह आठ बजे तक चोरी वाले हर घर का मुआयना किया। इस दौरान सीसीटीवी भी चेक किए गए, जिसमें सीसीटीवी में चोर दीवार फांदकर अपार्टमेंट के पीछे झाड़ियों से भागते हुए दिखे, ऐसा पुलिस कर्मियों ने कहा। कोर्ट के कर्मचारी आशीष गेडाम, जो वास्तु शांति के लिए अकोला गए थे, को जैसे ही खबर मिली कि उनके घर में सेंधमारी हुई है, वे सुबह 7 बजे की ट्रेन से अमरावती लौट आए। चोर उनके घर में घुसे और बेडरूम में रखी अलमारी तोड़ दी। उन्होंने देखा कि चोरों ने अलमारी के सेफ से तीन से चार हजार रुपये कैश और सोने-चांदी के गहने चुरा लिए हैं। जब वे घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि चोरों ने अलमारी से एक बहुत छोटे से बॉक्स में रखे गहने निकाल लिए थे और बॉक्स को फिर से बंद कर दिया था। बहरहाल न्यायाधीश कॉलोनी में चोरी की खबर से अमरावती शहर में लोग डरे सहमे हैं क्योंकि लोगों का कहना है कि अब जब न्यायाधीश ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा क्या होगी ? संतोष झा- १५ फरवरी/२०२६/ईएमएस