:: पूर्व विधायक शुक्ला, विशाल पटेल और उद्योगपतियों की हुई घर वापसी; केंद्र व राज्य सरकार का माना आभार :: इंदौर (ईएमएस)। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के तनाव और अनिश्चितता के बीच दुबई में फंसे इंदौर के पूर्व विधायकों और शहर के नामचीन उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सकुशल स्वदेश लौट आया। देवी अहिल्या बाई होलकर विमानतल पर जैसे ही पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल ने कदम रखा, वहाँ मौजूद उनके समर्थकों ने पुष्पहारों और नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। खाड़ी देशों में उड़ानों के रद्द होने और सुरक्षा चिंताओं के कारण ये सभी दिग्गज पिछले कुछ दिनों से दुबई में रुके हुए थे, जिनकी सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने विशेष कूटनीतिक प्रयास किए। :: मुंबई के रास्ते इंदौर पहुँचे :: जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल के साथ उद्योगपति पिंटू छाबड़ा, मनीष सहारा, प्रवीण कक्कड़ तथा उद्योगपति गोलू अपनी पत्नी सहित दुबई से मुंबई पहुँचे और वहां से निर्धारित उड़ान द्वारा इंदौर आए। जैसे ही प्रतिनिधिमंडल बाहर आया, परिजनों और करीबियों के चेहरे पर राहत की मुस्कान तैर गई। पिछले कुछ दिनों से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते इन सभी की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चिंता बनी हुई थी। :: नेताओं ने साझा किए अनुभव : संकट में सरकार बनी सहारा :: वापसी के बाद जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया और मीडिया चर्चा के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए: - संजय शुक्ला का आभार : पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने बताया कि बाबा महाकाल की कृपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशीलता के कारण हमारी वापसी सुगम हो सकी। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार ने जिस तरह से समन्वय किया, वह सराहनीय है। - विशाल पटेल का संदेश : पूर्व विधायक विशाल पटेल ने मोदी है तो मुमकिन है के नारे के साथ केंद्र सरकार के कूटनीतिक कौशल की प्रशंसा की। उन्होंने एमिरेट्स कंपनी के अधिकारियों और स्थानीय सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत सरकार के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के कारण ही विशेष विमान की व्यवस्था और त्वरित रवानगी संभव हो पाई। :: कूटनीतिक प्रयासों की सफलता :: मध्य-पूर्व के बिगड़ते हालात के बीच भारतीय दूतावास लगातार वहां मौजूद नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। इंदौर के इस प्रतिनिधिमंडल की सफल वापसी को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। एयरपोर्ट पर चर्चा के दौरान उद्योगपतियों ने बताया कि दुबई में भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल ने उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाया। वापसी के बाद अब ये सभी दिग्गज अपने नियमित सार्वजनिक और व्यापारिक कार्यों में सक्रिय होंगे। समर्थकों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार ने अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ा, जिससे विदेशों में रह रहे अन्य भारतीयों के परिवारों में भी विश्वास जगा है। प्रकाश/03 मार्च 2026