क्षेत्रीय
16-Feb-2026
...


- तापमान अधिक होने से सिकुडऩे से गेहूं के दानों का वजन हो सकता है कम भोपाल (ईएमएस)। मप्र में इस बार मौसम के मिजाज ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फरवरी के मध्य में ही जिस तरह से पारा चढऩा शुरू हुआ है, उसने सर्दी की विदाई और गर्मी की जल्द दस्तक के संकेत दे दिए हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दो से तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की आशंका है। हालांकि बीच में एक दिन हल्की बूंदाबांदी का अंदेशा जरूर है, लेकिन यह बढ़ती गर्माहट को रोकने में नाकाफी साबित होगी। अचानक बढ़ते तापमान का सबसे नकारात्मक असर रबी सीजन की गेहूं की फसल पर पड़ता दिखाई दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि गर्मी इसी तरह बढ़ती रही, तो गेहूं के उत्पादन में गिरावट आ सकती है। क्यों खतरनाक है गेहूं के लिए यह गर्मी कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में गेहूं की फसल अपनी उस अवस्था में है जहां दाने बनने और उनके परिपक्व होने की प्रक्रिया चल रही है। गेहूं की फसल के लिए इस समय हल्की ठंडक की जरूरत होती है, ताकि दाना धीरे-धीरे और पूरी तरह विकसित हो सके। तापमान अधिक होने से गेहूं का दाना अपनी प्राकृतिक अवधि पूरी करने से पहले ही परिपक्व होने लगता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में फोस्र्ड मैच्योरिटी कहते हैं। जब दाना समय से पहले पकता है, तो वह पूरी तरह फूल नहीं पाता। इसके परिणामस्वरूप गेहूं का दाना छोटा, पतला और हल्का रह जाता है। दानों का वजन कम होने और उनके सिकुड़ जाने से प्रति हेक्टेयर होने वाली पैदावार काफी कम हो सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। प्रदेश की दूसरी प्रमुख फसल सरसों की बात करें, तो बढ़ते तापमान का असर इस पर भी पड़ेगा, लेकिन गेहूं की तुलना में यह काफी कम होगा। जानकारों का कहना है कि सरसों का दाना अब तक लगभग परिपक्व हो चुका है और फसल कटाई की ओर बढ़ रही है। यह कर सकते हैं किसान फसल में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें। इससे जमीन का तापमान कम रहेगा और फसल को हीट शाक नहीं लगेगा। गेहूं के पौधों में पीलापन या दानों के सूखने की स्थिति पर नजर रखें। विशेषज्ञों की सलाह लेकर पोटैशियम जैसे तत्वों का प्रयोग करें जो पौधों को गर्मी सहने की शक्ति प्रदान करते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम में आए बदलाव और बढ़ते तापमान से गेहूं की फसल अधिक प्रभावित होगी। हालांकि मौसम विभाग अभी हल्की बारिश का अनुमान बता रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि कम से कम फरवरी में तो ठंडक रहेगी। तापमान यदि बढ़ता है तो गेहूं के दाने की ग्रोथ प्रभावित होगी। विनोद / 16 फरवरी 26