नई दिल्ली (ईएमएस)। जनवरी 2026 के भारतीय बाजार में बिक्री के जारी आंकड़े फाक्सवैगन इंडिया के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। कंपनी ने पिछले महीने कुल 2710 वाहन बेचे, जबकि जनवरी 2025 में यह संख्या 3344 यूनिट थी। इसका मतलब सालाना आधार पर करीब 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसे हाल के महीनों की सबसे कमजोर परफॉर्मेंस माना जा रहा है। वहीं एसयूवी सेगमेंट में टाइगुन की बिक्री में तेज गिरावट आई, जिसने कुल प्रदर्शन को काफी प्रभावित किया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए विकल्पों की वजह से यह एक समय की मजबूत एसयूवी अब दबाव में दिख रही है। टिगुआन के आंकड़े प्रतिशत के लिहाज से भले ही चौंकाने वाले हों 1 से बढ़कर 34 यूनिट लेकिन वास्तविक संख्या इतनी कम है कि कुल बिक्री पर इसका असर सीमित ही रहता है। इसके अलावा नई टैरॉन एसयूवी की बिक्री अभी शुरुआती स्तर पर है और गोल्फ मॉडल की जनवरी 2026 में एक भी यूनिट नहीं बिकी। कंपनी इस साल बाजार में पांच नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनमें टैरॉन आर-लाइन, वर्टूस और टाइगुन फेसलिफ्ट के साथ इलेक्ट्रिक एसयूवी आईडी.4 और एक नई सब-4 मीटर एसयूवी शामिल हो सकती हैं। आने वाले महीनों में यह तय होगा कि क्या ये मॉडल कंपनी की बाजार हिस्सेदारी को बेहतर करने में सफल होते हैं या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की गिरावट की मुख्य वजह उसके पोर्टफोलियो में किफायती और बड़े पैमाने पर बिक्री करने वाले मॉडल्स की कमी है। साथ ही मिडसाइज सेडान और एसयूवी सेगमेंट में कोरियाई और भारतीय ब्रांड्स की तेजी ने चुनौती और बढ़ा दी है। मॉडल प्रदर्शन में इस बार वर्टूस कंपनी के लिए मजबूती का संकेत बनकर उभरा है, जिसकी बिक्री पिछले साल की तुलना में हल्की बढ़ी है। सुदामा/ईएमएस 17 फरवरी 2026