राज्य
17-Feb-2026
...


:: अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने किसानों को सिखाई फ्रेश केयर तकनीक; फिलीपींस और इक्वाडोर को टक्कर देने की रणनीति पर मंथन :: इंदौर/बड़वानी (ईएमएस)। मध्य प्रदेश शासन द्वारा घोषित कृषि कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत इंदौर संभाग के बड़वानी जिले में कृषि उन्नयन के नए अध्याय की शुरुआत हुई है। जिले को एक्जोटिक फसलों और केले के एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एक दिवसीय कृषि उन्नयन संवाद में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विशेषज्ञों और निर्यातकों ने निमाड़ के किसानों को वैश्विक बाजार फतह करने के गुर सिखाए। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि अब समय पारंपरिक खेती का नहीं, बल्कि स्पॉटलेस और साइंटिफिक फ्रूट केयर का है। :: स्पॉटलेस केला : जो दिखेगा, वही बिकेगा :: अंतर्राष्ट्रीय केला विशेषज्ञ के. बी. पाटिल ने संवाद के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अब छींटे वाले केले का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस प्रकार बच्चों की देखभाल की जाती है, उसी प्रकार केले की फ्रूट केयर जरूरी है। उन्होंने बताया कि छिलके पर दाग पकने की नहीं, बल्कि सड़न की शुरुआत का संकेत होते हैं, जो वैश्विक मानकों पर खारिज कर दिए जाते हैं। निर्यात गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने खेतों के बजाय आधुनिक पैक हाउस में पैकिंग करने की सलाह दी, ताकि फल लंबे समय तक ताजा रहें। वर्तमान में बड़वानी जिले में लगभग 3,600 हेक्टेयर में केले की खेती हो रही है, जिसकी उत्पादकता 850 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। विशेषज्ञों ने किसानों को टिश्यू कल्चर और क्लाइमेट रेजिलिएंट मॉडल्स अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। :: वैश्विक बाजार में भारत की दावेदारी :: निर्यात विशेषज्ञ अमोल महाजन ने आंकड़ों के जरिए भारत की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का 26 प्रतिशत केला उत्पादित करता है, लेकिन निर्यात में हम अभी भी 9वें स्थान पर हैं। उन्होंने भौगोलिक लाभ का उल्लेख करते हुए कहा कि फिलीपींस और इक्वाडोर की तुलना में भारत से मिडिल ईस्ट देशों तक माल पहुँचाना अधिक किफायती और कम समय लेने वाला है। उन्होंने निर्यात व्यापार को गति देने के लिए पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और मटेरियल सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, कृषि निर्यात में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया। कार्यक्रम में मिर्च एक्सपोर्ट के संबंध में खरगोन के अभिषेक पाटीदार ने मार्केट चेन और जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। :: प्रोत्साहन और प्रदर्शनी :: संवाद कार्यक्रम के साथ ही कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन विभाग द्वारा उन्नत कृषि यंत्रों एवं बीजों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर पात्र किसानों को कृषि उपकरणों हेतु अनुदान सहायता राशि के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। :: इन विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव :: कृषि संवाद में जैन इरीगेशन के एग्रोनॉमिस्ट अजहर जैदी, डॉ. सुधीर भोंगले, वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्रसिंह, और बनाना फॉर्मर ऑफ इंडिया अवार्ड से सम्मानित संतोष लछेटा सहित प्रगतिशील किसान बलराम जाट और भरत पाटीदार ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल और कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। प्रकाश/17 फरवरी 2026