:: म.प्र. श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक में बजट पारित; मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन और कॅरियर काउंसलिंग पर जोर :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक मंगलवार को संपन्न हुई, जिसमें श्रमिक परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन और प्रारंभिक स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडल की योजनाओं का लाभ अंतिम श्रमिक तक पहुँचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंडल का बजट प्रस्तुत किया गया, जिसे सदस्यों ने विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया। श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने जानकारी दी कि मंडल की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए एमपीएसईडीसी के माध्यम से संपूर्ण कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। साथ ही, नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभागीय स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। मंत्री पटेल ने लंबित वेतनमान प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देरी से कर्मचारियों की कार्यकुशलता प्रभावित होती है। उन्होंने सभी लंबित मामलों की सूची बनाकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, सामाजिक सुरक्षा अंशदान जमा न करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा, ताकि ईपीएफ से जुड़ी समस्याओं का स्थाई समाधान हो सके। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 27 श्रम कल्याण केंद्रों में से 17 में वर्तमान में सिलाई-कढ़ाई केंद्र सक्रिय हैं। चचाई और इंदौर में इन केंद्रों को पुनः बड़े स्तर पर प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल प्रतियोगिताओं की समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रकाश/17 फरवरी 2026