लंदन (ईएमएस)। दुनिया में धार्मिक विविधता और अलग-अलग मजहब के मानने वालों पर एक रिपोर्ट जारी की है। इससे पता चलता है कि दुनिया में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों का दबदबा बना हुआ है। वहीं सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म इस्लाम है। ईसाई और इस्लाम के बाद नास्तिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके बाद दुनिया में हिंदुओं की आबादी तकरीबन 15 फीसदी है। 201 देशों पर की गई स्टडी में सिंगापुर को दुनिया का सबसे ज्यादा धार्मिक रूप से विविधता वाला देश माना गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईसाई 2.3 अरब की आबादी के साथ दुनिया का सबसे बड़ा धर्म हैं। हालांकि दुनिया की आबादी की रफ्तार कुछ कम हुई है। इस्लाम दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बड़ा धर्म है। मुस्लिम पिछले 10 सालों में 347 मिलियन (34.7 करोड़) बढ़े हैं। हिंदुओं की आबादी 126 मिलियन (12.6 करोड़) बढ़कर 1.2 अरब हो गई है। हिंदू अब दुनिया की आबादी का 14.9 प्रतिशत है। वहीं दुनिया में नास्तिकों (किसी धर्म को ना मानने वाले) की आबादी तेजी से बढ़ी है। दुनियाभर में अब किसी धर्म को ना मानने वाले लोगों की संख्या 24.2 प्रतिशत है, जो तीसरी सबसे बड़ी कैटेगरी है। वहीं बौद्ध धर्म को मानने वालों का एकमात्र बड़ा समूह है, जिनकी संख्या में कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर दुनिया का सबसे ज्यादा धार्मिक रूप से अलग-अलग लोगों का देश है। बौद्ध (31प्रतिशत) सिंगापुर का सबसे बड़ा धार्मिक ग्रुप है। सिंगापुर की आबादी में नास्तिक 20प्रतिशत, ईसाई 19 प्रतिशत, मुस्लिम 16 प्रतिशत, हिंदू 5 और अन्य धर्मों को मानने वाले 9 फीसदी हैं। धार्मिक विविधता में सूरीनाम दूसरे नंबर पर है। टॉप 10 में वह अकेला लैटिन अमेरिकी देश है। सूरीनाम में 53 प्रतिशत ईसाई हैं। इसके बाद हिंदू (22प्रतिशत), मुस्लिम (13प्रतिशत) और नास्तिक लोग (8प्रतिशत) हैं। इस सूची में टॉप 10 में ताइवान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मॉरिशस, गिनी-बिसाऊ हैं। टॉप 10 में फ्रांस अकेला यूरोपियन देश है। इसकी आबादी में 46 फीसदी ईसाई, 43 प्रतिशत नास्तिक और मुस्लिम 9 प्रतिशत है। अमेरिका दुनिया के 10 सबसे ज्यादा धार्मिक रूप से अलग-अलग तरह के देशों में नहीं है। इस रिपोर्ट में मुस्लिम वह ग्रुप है, जो बहुत कम अलग-अलग तरह के लोगों वाले देशों में सबसे ज्यादा रहता है। हालांकि वे अलग-अलग तरह के लोगों वाली जगहों पर भी रहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई मुस्लिम मिडिल ईस्ट-नॉर्थ अफ्रीकी देशों में रहते हैं, जहां ज्यादातर लोग इस्लाम को मानने वाले हैं। ईसाई इस शोध में शामिल ग्रुप में सबसे ज्यादा फैले हुए हैं। इनके अलग-अलग तरह के लोगों वाले देशों में रहने की सबसे ज्यादा संभावना है। धर्म को ना मानने वाले ज्यादातर लोग अलग-अलग तरह के समाजों में रहते हैं, जैसे चीन, जहां दुनिया की दो-तिहाई अलग-अलग तरह की आबादी रहती है। यहूदी लोग अलग-अलग तरह के देशों में बराबर बंटे हुए हैं। दुनिया की 40 प्रतिशत यहूदी आबादी अमेरिका और 46 प्रतिशत इजरायल में रहती है। हिंदू दुनियाभर के बड़े हिस्से में फैले हैं लेकिन ज्यादा दक्षिण एशिया में हैं। दुनिया के हिंदुओं की करीब 95 प्रतिशत आबादी भारत में रहती है। इसके अलावा बांग्लादेश और नेपाल में हिंदुओं की अच्छी आबादी है। बौद्ध लोग धार्मिक अलग-अलग तरह के लोगों के लेवल पर सबसे ज्यादा फैले हुए हैं। आशीष/ईएमएस 18 फरवरी 2026