अंतर्राष्ट्रीय
18-Feb-2026
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ढाका,(ईएमएस)। बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद उसके नेता तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली हैं। इसी बीच अंतरिम सरकार चला रहे नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के कुछ करीबी सलाहकारों के देश छोड़ने या बाहर जाने की कोशिश करने की खबरें सुर्खियों में आ गई हैं। सबसे पहले फैज अहमद तैयब, जो यूनुस के सलाहकार थे और इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल तथा टेलिकॉम मामलों में उनकी मदद कर रहे थे, जर्मनी के लिए उड़ान बुक कराकर देश छोड़ने के संकेत मिले। उनके जाने को बांग्लादेशी मीडिया ने “सर्वप्राइज डिपार्चर” यानी अचानक प्रस्थान बताया। यह सवाल उठ रहे हैं कि अगर यूनुस की सरकार “ईमानदार” थी, तब उसके सलाहकारों को भागने का डर क्यों है? जानकारों का कहना है कि इसका कारण बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता से जुड़ा है। यूनुस अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद अंतरिम प्रमुख बने थे और चुनाव तक की व्यवस्था संभाल रहे थे। अब जब बीएनपी की सरकार आने वाली है, तब कुछ यूनुस के सलाहकारों को लगता है कि सत्ता हस्तांतरण के बाद उन पर भ्रष्टाचार या अन्य तरह के आरोप लग सकते हैं, इसलिए वे “सेफ एग्जिट” यानी सुरक्षित बाहर निकलने की तलाश में जुट गए हैं। इसकारण एनसीपी के नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने कहा कि कई सलाहकार सुरक्षित निकलने के रास्ते खोज रहे हैं और उन्हें अपनी संपत्ति व कामकाज की पूरी जानकारी पहले जनता को दे देनी चाहिए। हालांकि कुछ सूत्रों का यह भी मानना है कि सभी सलाहकार बांग्लादेश से बाहर नहीं जा रहे हैं; कई लोग मानते हैं कि सत्ता परिवर्तन शांतिपूर्ण तरीके से हो गया है और उनके साथ कोई हिंसा या प्रतिशोध नहीं होगा, इसलिए वे वहीं रह सकते हैं। इन घटनाओं की पृष्ठभूमि अक्टूबर 2025 तक जाती है, जब एनसीपी के नेताओं ने कहा था कि कई सलाहकार पहले से ही राजनीतिक दलों से अपने सम्बन्ध जोड़ रहे हैं और राजनीति में फँसने का डर जाहिर कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यूनुस और उनके समर्थक बांग्लादेश में अलोकप्रिय भी हो गए हैं और सत्ता हस्तांतरण के समय उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। आशीष/ईएमएस 18 फरवरी 2026