- कंपनियों से 27 फरवरी तक मांगे गए अंतिम प्रस्ताव कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले के चिन्हित पांच कोल ब्लॉकों को लेकर 14वें दौर की नीलामी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। तकनीकी समिति के मूल्यांकन में योग्य पाए जाने के बाद बोली लगाने वाली कंपनियों से अंतिम वित्तीय प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 फरवरी तक अंतिम प्रस्ताव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल माइनिंग नीति के तहत इन कोल ब्लॉकों का आवंटन किया जाएगा। खनन पट्टा हासिल करने वाली कंपनियों को स्वयं के उपयोग के साथ-साथ कोयले की खुले बाजार में बिक्री का भी अधिकार होगा। इस दौर में छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के कुल 41 कोल ब्लॉकों को नीलामी सूची में शामिल किया गया था, जिनमें से जिन खदानों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं, उनमें कोरबा जिले के पांच ब्लॉक भी शामिल हैं। कोरबा जिले में करतला विकासखंड के करतला साउथ, कलगामार और मदवानी कोल ब्लॉक तथा कोरबा विकासखंड के बताती कोल्गा वेस्ट और तौलीपाली कोल ब्लॉक नीलामी सूची में शामिल हैं। जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार इन सभी खदानों की संभावित उत्पादन क्षमता एक हजार मिलियन टन से अधिक आंकी गई है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है। जानकारी के अनुसार इन कोल ब्लॉकों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बोलियां लगाई हैं। तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद अब दोनों कंपनियों से अंतिम वित्तीय प्रस्ताव मांगे गए हैं। उल्लेखनीय है कि कोल ब्लॉकों की नीलामी में इस बार कई नई कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है। पहली बार रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कोयला खनन क्षेत्र में ब्लॉक हासिल करने के लिए भागीदारी की है। कंपोजिट लाइसेंस प्राप्त होने के बाद चयनित कंपनियां संबंधित कोल ब्लॉकों में व्यावसायिक खनन कार्य प्रारंभ कर सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कोरबा जिले में निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को नई गति मिल सकती है। 20 फरवरी / मित्तल