- रैगिंग से प्रताड़ित डां. ने कोर्स बीच में छोड़ा था इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर ने डा. अजय मंडलोई की याचिका स्वीकार करते एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर को अंतरिम आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता के मूल दस्तावेज उसे 23 फरवरी तक लौटा दें दस्तावेजों की यह वापसी याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। याचिका कहानी संक्षेप में इस प्रकार हैं कि डा. अजय मंडलोई ने वर्ष 2019 में एमजीएम कालेज से एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बाद में मेरिट के आधार पर सरकारी मेडिकल कालेज में पीजी एमएस गायनेकोलाजी की सीट आवंटित हुई, लेकिन रैगिंग से प्रताड़ित होकर उन्होंने कोर्स बीच में छोड़ने का निर्णय लिया इसके चलते डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन और डीन एमजीएम कालेज ने उनसे 30 लाख रुपये का सीट-लीविंग बांड भरने के लिए कहा तथा राशि जमा नहीं करने पर मूल दस्तावेज लौटाने से इन्कार कर दिया गया। जिसके चलते डां. मंडलोई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिस पर सुनवाई करते कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश पारित किया। आनंद पुरोहित/ 21 फरवरी 2026