मुंबई (ईएमएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बॉलीवुड निर्देशक शेखर कपूर का हालिया बयान चर्चा में है। ताजा बयान में शेखर कपूर ने स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में एआई मनोरंजन जगत को पूरी तरह से बदल देगा। उन्होंने एआई को नए भारत की शुरुआत बताते हुए कहा कि भविष्य में क्रिएटिव स्टार के रूप में एआई इंसानी सितारों की तरह कोई परेशानी नहीं पैदा करेगा न शूटिंग पर देर आएगा, न बीमार होगा और न ही फीस बढ़ाने की मांग करेगा। शेखर कपूर ने एक इंटरव्यू में दिलचस्प अनुभव साझा किया कि कैसे उनका कुक चैटजीपीटी से लिखी ‘मिस्टर इंडिया 2’ की स्क्रिप्ट लेकर उनके पास आ गया था। उन्होंने बताया कि जिस तरह की बड़ी फिल्में करोड़ों रुपये और महीनों की मेहनत पर बनती हैं, एआई उन्हें अब बेहद कम लागत और समय में तैयार कर सकता है। उनके मुताबिक, “300 करोड़ की फिल्म अब एक बच्चा 2000 रुपये में बना देगा।” उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया में मौजूद लगभग आधी महिला इंफ्लुएंसर वास्तविक नहीं हैं, बल्कि एआई द्वारा बनाई गई डिजिटल शख्सियतें हैं, जो सोशल मीडिया पर इंसानों की तरह ही एक्टिव रहती हैं और दर्शकों पर प्रभाव डालती हैं। उन्होंने एआर रहमान के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें संगीतकार ने कहा था कि उन्हें पिछले कई सालों से काम नहीं दिया जा रहा और इसमें धार्मिक पहलू की भूमिका हो सकती है। इस पर कपूर ने कहा कि विश्वास और धर्म दो अलग चीजें हैं और उन्होंने कभी ऐसा महसूस या नोटिस नहीं किया। उनका कहना था कि इंडस्ट्री में उन्हें इस तरह का माहौल नहीं देखने को मिला और वे व्यक्तिगत तौर पर इस पर विचार भी नहीं करते। शेखर कपूर के विचारों से साफ झलकता है कि वे एआई को भविष्य की बड़ी क्रांति मानते हैं, जो फिल्म निर्माण से लेकर कलाकारों की जरूरतों तक हर स्तर पर बदलाव लाएगा। एआई तकनीक के चलते रचनात्मक काम आसान और तेज होने के साथ-साथ फिल्म उद्योग में लागत भी तेजी से कम होने की संभावना है। सुदामा/ईएमएस 22 फरवरी 2026