जबलपुर, (ईएमएस)। प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना वर्ष 2026 के अंतर्गत 20 फरवरी से 22 फरवरी तक चलाए गए अभियान के तहत जबलपुर के पाटन व शहपुरा वन परिक्षेत्र के तमोरिया, हरदुआ और कटंगी वीट में पिछली गणना के मुकाबले अधिक गिद्ध पाए गए हैं जबकि शहपुरा के बेलखेड़ा एवं गुबरा बीट में बीते वर्ष की तुलना में कोई ज्यादा अंतर नहीं आया है। गौरतलब हो कि लुप्तप्राय प्रजातियों की सही संख्या और उनके भौगोलिक विस्तार (प्रवासी और स्थानीय) का पता लगाने के उद्देश्य से गिद्धों की गणना वन विभाग द्वारा कराई जा रही थी। उक्त गणना में इस साल सकारात्मक आंकडे सामने आए हैं । बीते सालों में गिद्धों की घटती संख्या के पीछे के कारणों (जैसे भोजन की कमी, जहर, निवास स्थान की हानि) की पहचान करना और उनके अनुकूल माहौल तैयार करने आदि बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, वन विभाग तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के निर्देश पर प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना वर्ष 2026 के अंतर्गत 20 फरवरी से 22 फरवरी तक लगातार तीन दिवस अभियान चलाया गया। जिसके तहत परिक्षेत्र पाटन और शहपुरा में क्षेत्रीय वन कर्मचारियों द्वारा पूर्व से चिन्हांकित स्थलों पर जाकर गिद्धों की गणना की गई। इन तीन दिनों में औसतन पाटन परिक्षेत्र की तमोरिया, हरदुआ एवं कटंगी बीट में 86 तथा शहपुरा परिक्षेत्र की बेलखेड़ा एवं गुबरा बीट में 6 गिद्ध पाए गए जबकि पिछले वर्ष 2025 में पाटन एवं शहपुरा परिक्षेत्र में की गई तीन दिवसीय गिद्ध गणना में औसतन क्रमश: 59 तथा 7 गिद्ध पाए गए थे। इस तरह पाटन वन परिक्षेत्र में बीते साल के मुकाबले गिद्धों की संख्या में पर्याप्त इजाफा हुआ है। अजय पाठक / मोनिका / 23 फरवरी 2026/ 02.42