ग्वालियर ( ईएमएस ) l अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते में देश की भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के किसानों, मजदूरों के हितों के साथ ही नहीं बल्कि देश की संप्रभूता के साथ भी समझौता किया है l यह समझौता देश की संसद, जनता और किसानों को अँधेरे में रख कर किया गया है l इसमें अमरीका के ढाई गुना अधिक कृषि उत्पाद भारत में, जीरो प्रतिशत टैरीफ से भारत आएंगे l जबकि भारत के उत्पादों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जो कि मोदी सरकार से पहले शून्य से 3 प्रतिशत था l मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने ग्वालियर, मुरैना और भिंड के पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए यह बात कहीl उन्होंने कहा कि अभी अमरीका से 40 अरब डॉलर के उत्पाद भारत आते हैं, जो अब बढ़ कर 100 अरब डॉलर हो जाएंगे l इससे हमारे किसान और संकट में आप जायेंगे l माकपा नेताओं ने स्टेट बैंक of इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि डेरी उत्पाद भारत आने से हमारे देश के पशुपालक किसानों को एक लाख करोड़ का नुकसान होगा l जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह समझौता इतना अपमानजनक है कि भारत ने रूस से 20 प्रतिशत सस्ता और रूपये में मिलने वाले तेल को बंद कर अमरीका से 20 प्रतिशत महँगा और डॉलर में तेल खरीदना स्वीकार किया है l डॉलर रुपपे की तुलना में हर रोजगार महँगा होता हैl इसका अर्थ है कि हमारा तेल भी महंगा होगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी l मगर अमरीका को ख़ुश करने के लिए देशविरोधी और समर्पणकारी समझौता किया है l माकपा नेता ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने सिर्फ भारत विरोधी व्यापारिक समझौता ही नहीं किया है l बल्कि जानविरोधी नीतियां भी लागू कर रही है l श्रम कानूनों को खतम कर लाई गई चार श्रम सहिंता मजदूरों के रोजगार की सुरक्षा को खतम कर उन्हें गुलाम बनाने वाली हैं l इसके खिलाफ 12 फ़रवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद भी वह उन्हें लागू करना चाहती है l इस सरकार ने मनरेगा की खतम कर दिया है l नया कानून गरीबों की रोजगार की सम्भावनाओं को सीमित कर इस योजना को हो खतम करने वाला है l जसविंदर सिंह ने मोदी सरकार द्वारा विदेशी कारपोरेट कंपनियों के दबाव में प्रस्तावित बीज बिल को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि इस सरकार का बिजली बिल तो पूरा बिजली का ढांचा अडानी को सौप कर गरीबों के घरों में अंधेरा करने वाला कानून है l माकपा नेता ने चुनाव आयोग के पक्षपाती रुख और एस आई आर के माध्यम से जनता के मताधिकार को छीनने की कोशिशों की भी निंदा की और इन सब मुद्दों पर अभियान चला कर 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली रैली को सफल बनाने का आव्हान किया l बैठक में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया में निकलने वाले जत्थे की रुपरेखा तैयार की गई l बैठक को राज्य सचिव मंडल के सदस्य रामविलास गोस्वामी और अखिलेश यादव ने भी सम्बोधित किया| बैठक में गोहद नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रेम नारायण माहौर, ओ पी बाथम, एम के जायसवाल, अशोक जाटव, भगवान दास सैनी, अशोक राठौर, राजेश शर्मा, श्याम यादव, राजवीर धाकड़, प्रीति सिंह, आदि उपस्थित थे