ज़रा हटके
24-Feb-2026
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दुबई (ईएमएस)। इंग्लैंड के लिवरपूल की रहने वाली 36 वर्षीय महिला जेड मॉर्गन सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर लालच में आ गई और अपने दांत का इलाज कराने दुबई पहुंची गई। महिला के साथ वहां जैसा इलाज महिला को मिला उसने जिंदगी भर का दर्द दे दिया। तीन बच्चों की मां जेड ने इंस्टाग्राम पर दुबई के एक डेंटल क्लिनिक का आकर्षक विज्ञापन देखा था, जिसमें पोरसेलिन विनीयर्स का खर्च मात्र 2,800 पाउंड बताया गया था। उन्हें लगा यह एक शानदार अवसर है, लेकिन फ्लाइट और होटल के खर्च इसमें शामिल नहीं थे। दुबई पहुंचकर जेड हैरान रह गईं। जिस डॉक्टर से उन्होंने अपॉइंटमेंट लिया था, उससे उनकी मुलाकात तक नहीं हुई। शुरुआती प्रक्रियाएं डॉक्टर के एक असिस्टेंट ने ही पूरी कीं, जिनमें दांतों की सफाई और नाप लेना शामिल था। मुख्य दंत चिकित्सक को उन्होंने सीधे उस दिन देखा, जब विनीयर्स लगाने का समय आया। सिर्फ एक घंटे में उनके दांतों पर विनीयर्स चिपका दिए गए, लेकिन जेड को तुरंत लगा कि फिटिंग और बाइट सही नहीं है। शिकायत करने पर उन्हें दूसरे क्लिनिक भेज दिया गया, जहां दो घंटे तक उनके दांतों की ड्रिलिंग कर फिटिंग सुधारने की कोशिश हुई। जेड को भरोसा दिलाया गया कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। घर लौटने के दो सप्ताह बाद ही उनका एक दांत बीच से टूट गया और मसूड़ों से खून बहने लगा। सुंदर दिखने की चाहत में किए गए इस सस्ते इलाज ने उनकी जिंदगी को मुश्किलों से भर दिया। उनका कहना है कि ब्रिटेन में आमतौर पर अस्थायी विनीयर्स लगाए जाते हैं ताकि मरीज अपनी सहजता को परख सके, लेकिन दुबई में ऐसा कुछ नहीं हुआ। दांत टूटने के बाद उनके पास दुबई जाकर मुफ्त में इलाज कराने का विकल्प था, लेकिन दोबारा फ्लाइट और होटल पर भारी खर्च संभव नहीं था। मजबूर होकर जेड को लिवरपूल के डेंटल एक्सीलेंस क्लिनिक में नया इलाज कराना पड़ा, जहां विशेषज्ञों ने दुबई में किए गए सभी खराब काम को हटाकर नया ट्रीटमेंट शुरू किया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन के बाहर से सस्ता डेंटल ट्रीटमेंट कराकर आने वाले 70 प्रतिशत मरीज ऐसी ही समस्याओं का सामना करते हैं। ब्रिटिश डेंटल एसोसिएशन की रिपोर्ट बताती है कि डेंटल टूरिज्म के कारण हर साल लाखों पाउंड का नुकसान हो रहा है और कई मामलों में दांतों को नुकसान इतना गंभीर होता है कि उसे ठीक करना संभव नहीं रहता। जेड मॉर्गन अब लोगों को चेतावनी दे रही हैं कि सोशल मीडिया के आकर्षक ऑफर्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सुदामा/ईएमएस 24 फरवरी 2026