ज़रा हटके
24-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। कई बार व्यक्ति संतुलित आहार लेने के बावजूद कमजोरी, सुस्ती और पेट भारी रहने जैसी समस्याओं से जूझता है। इसका मुख्य कारण होता है पाचन तंत्र का कमजोर होना। आधुनिक जीवनशैली में व्यस्तता और अनियमित दिनचर्या के कारण अधिकांश लोग समय पर भोजन नहीं कर पाते, जिसके चलते पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जब भोजन ठीक तरह से नहीं पचता, तो उसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते और भोजन पेट में फर्मेंट होने लगता है, जिससे ऊर्जा और पोषण की कमी महसूस होने लगती है। यही कारण है कि संतुलित आहार के साथ उसका सही तरीके से पचना भी अत्यंत आवश्यक माना जाता है। पाचन कमजोर होने पर गैस, अपच, पेट दर्द और कब्ज जैसी समस्याएं न केवल शरीर को असहज करती हैं, बल्कि मानसिक स्थिति और कार्यक्षमता पर भी असर डालती हैं। आयुर्वेद में पाचन अग्नि के संतुलन को महत्व दिया गया है और बताया गया है कि कई पेट संबंधी रोग बिना दवा के भी ठीक हो सकते हैं। इसी संदर्भ में खीरे की सलाद को प्राकृतिक औषधि माना गया है, जिसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभाता है। खीरे में प्रचुर मात्रा में पानी, फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये तत्व आंतों को साफ करने, कब्ज दूर करने और पेट को ठंडक प्रदान करने में मदद करते हैं। खीरे का पानी शरीर की शुष्कता कम करता है और आंतों को चिकनाई प्रदान करता है, जिससे मल त्याग में आसानी होती है। रोजाना एक कटोरी खीरे की सलाद खाना पाचन सुधारने के लिए आयुर्वेद में अत्यंत लाभकारी माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार खीरे की सलाद का सबसे अच्छा समय दोपहर का भोजन है। एक कटोरी ताज़ा खीरे की सलाद में थोड़ा नींबू और काला नमक मिलाकर सप्ताह में कम से कम चार दिन इसका सेवन करने से पाचन तंत्र में सुधार महसूस किया जा सकता है। ध्यान रहे कि खीरे में अधिक नमक न मिलाएं और यदि खीरा फ्रिज में रखा हो तो उसे सामान्य तापमान पर आने के बाद ही खाएं। खीरा केवल पाचन ही नहीं बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद है। गर्मियों में खीरे का सेवन और लेप लगाने से त्वचा की ड्राईनेस कम होती है, थकान दूर होती है और चेहरा प्राकृतिक रूप से ग्लो करने लगता है। सुदामा/ईएमएस 24 फरवरी 2026