राज्य
24-Feb-2026
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:: कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों को बांटी शिक्षण सामग्री; बोले- शिक्षा ही बदलेगी जीवन की दिशा :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के अभियान के तहत जिला प्रशासन ने एक बड़ी मानवीय सफलता हासिल की है। सड़कों और चौराहों पर भिक्षावृत्ति करने को मजबूर 40 बच्चों को प्रशासन ने शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन में नई सुबह का आगाज़ किया है। ये बच्चे अब सुदामा नगर स्थित शारदा माध्यमिक विद्यालय में अपनी आयु के अनुसार नियमित शिक्षा प्राप्त करेंगे। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान ये बच्चे और उनके परिजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को बिस्कुट और स्कूल किट वितरित करते हुए उन्हें निरंतर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने बच्चों को स्वच्छता और अनुशासन का महत्व समझाते हुए कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है, जिससे गरीबी के चक्र को तोड़ा जा सकता है। प्रशासन ने न केवल इन बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराया, बल्कि उन्हें यूनिफॉर्म, जूते और आवश्यक शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई है। जिन परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी ही सबसे बड़ी चुनौती थी, आज उनके बच्चों के हाथों में किताबें देखकर माता-पिता की आंखों में भविष्य के सपने और चेहरों पर सुकून की चमक दिखाई दी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों को आश्वस्त किया कि भविष्य में उन्हें पढ़ाई के लिए जो भी आवश्यकता होगी, जिला प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा। प्रशासन की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता से भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक समस्या को शिक्षा के माध्यम से जड़ से खत्म किया जा सकता है। आज ये 40 बच्चे केवल स्कूल नहीं जा रहे, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रकाश/24 फरवरी 2026