- आईजी जबलपुर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पेश करें सुनवाई 27 फरवरी को जबलपुर, (ईएमएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप एन भट्ट की एकलपीठ ने जबलपुर के मदन महल थाना पुलिस द्वारा एक युवती को गांजा तस्करी के मामले में कथित रूप से फंसाने के मामले में सुनवाई करते हुए जबलपुर आईजी (पुलिस महानिरीक्षक) को उक्त पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को नियत की गई है। गौरतलब हो कि जबलपुर निवासी एक युवती को मदन महल पुलिस ने 11 जनवरी 2026 को लिंक रोड से सवा 12 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार दिखाया था। इस मामले में आरोपी बनाई गई युवती ने उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया है कि जब वह रायपुर से जबलपुर आ रही थी, तब ट्रेन में सफर के दौरान मदन महल थाने के एक पुलिस अधिकारी ने उससे अभद्रता की थी। इसका विरोध करने पर पुलिस उसे जबरन थाने ले गई और उसके खिलाफ फर्जी मामला दर्ज कर दिया। युवती की अजी पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने पूर्व में आईजी जबलपुर को जांच के निर्देश दिए थे। मामले में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए 4 सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया जिस पर एकलपीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हमें पुलिस के बहाने नहीं, बल्कि सच्चाई का पता लगाने वाली रिपोर्ट चाहिए। इसके साथ ही न्यायालय ने सप्ताह का अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग को नामंजूर करते हुए अगली सुनवाई 47 फरवरी को ही नियत की है। एकलपीठ ने अपेक्षा की है कि आईजी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बिना किसी भेदभाव के रिपोर्ट पेश करेंगे। हालांकि, आपराधिक प्रकरण को गंभीर मानते हुए न्यायालय ने फिलहाल युवती को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अजय पाठक / मोनिका / 25 फरवरी 2026/ 03.05