ज़रा हटके
26-Feb-2026
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वाशिंगटन (ईएमएस)। एलन मस्क ने अंतरिक्ष अन्वेषण को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। पहले उनका प्रमुख लक्ष्य मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाना था, लेकिन अब उन्होंने चांद पर पहली मानव बस्ती बसने की तैयारी शुरु कर दी है। स्पेसएक्स के संस्थापक मस्क का कहना है कि मंगल की तुलना में चांद पर शहर बसाना अधिक व्यावहारिक और कम समय में संभव हो सकेगा। उनका दावा है कि जहां मंगल पर आत्मनिर्भर शहर बसाने में कम से कम 20 साल लग सकते हैं, वहीं चांद पर यह लक्ष्य करीब 10 साल में पूरा हो सकता है। मस्क के अनुसार, मंगल ग्रह की परिस्थितियां बेहद कठोर हैं। वहां का वातावरण जहरीला है, तापमान अत्यधिक ठंडा रहता है और पृथ्वी से दूरी भी बहुत अधिक है। मंगल और पृथ्वी के बीच न्यूनतम दूरी हर 26 महीने में बनती है, जिससे लांच विंडो सीमित हो जाती है। इसके विपरीत, चांद पृथ्वी के काफी नजदीक है और वहां हर 10 दिन में मिशन भेजा जा सकता है। इसकारण चांद पर आना-जाना तकनीकी और आर्थिक रूप से अधिक आसान माना जा रहा है। दरअसल मस्क ने पहले कहा था कि मंगल पर मानव भेजने से पहले ह्यूमनॉइड रोबोट्स उतारे जाएंगे, जो वहां की सतह पर बुनियादी ढांचा तैयार करेगा। उनका लक्ष्य 2050 तक मंगल पर 10 हजार लोगों के रहने लायक शहर बसाने का था। हालांकि अब वे मानते हैं कि चांद पर “सेल्फ-ग्रोन सिटी” विकसित कर कई महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किए जा सकते हैं, जो आगे मंगल मिशन में सहायक साबित हो सकते है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मंगल पर शहर बसाने का सपना छोड़ा नहीं गया है। चांद पर बस्ती बसाने के बाद फिर से मंगल पर फोकस किया जाएगा। मस्क का मानना है कि मानव सभ्यता की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रहों पर भी आत्मनिर्भर शहर बसाना जरूरी है। हाल की रिपोर्टों में भी संकेत मिले हैं कि स्पेसएक्स अब चंद्र मिशन को प्राथमिकता दे सकता है, जबकि मंगल मिशन की समयसीमा को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। आशीष/ईएमएस 26 फरवरी 2026