ज़रा हटके
26-Feb-2026
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-अमीर तबका बिना टैक्स दिए मजे उड़ा रहा इस्लामाबाद (ईएमएस)। पाकिस्तान का इकोनॉमिक क्राइसिस अब बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। वहां की कोई भी सरकार हो, उस सरकार ने हमेशा आम जनता पर भारी टैक्स ही लगाया है। इसके बदले में सामाजिक विकास के नाम पर पाकिस्तानी जनता को कुछ नहीं मिला है। सरकार समाज के गरीब तबके को लेकर एकदम लापरवाह है। पाकिस्तानी मीडिया में छपे एक आर्टिकल में इस बात का बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान का राजकोषीय संकट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। यह सरकार और लोग के बीच टूटे हुए भरोसे का सबसे बड़ा सबूत है। भारी टैक्स देने के बाद भी जनता को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इससे देश का पूरा सिस्टम तबाह हो रहा है। निवेश लगातार गिर रहा है और अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। पाकिस्तान के फेल होने की कई वजहें है। इसमें कम एक्सपोर्ट और इनोवेशन की कमी शामिल है। लेकिन असली दिक्कत सरकार का बनाया हुआ कॉस्ट स्ट्रक्चर है। इस स्ट्रक्चर ने पाकिस्तान में बिजनेस करना बहुत महंगा है। एक रिपोर्ट में बताया गया हैं कि साउथ एशियन देशों के मुकाबले पाकिस्तान में बिजनेस चलाना 34 प्रतिशत ज्यादा महंगा है। पाकिस्तान में टैक्स सिस्टम बहुत ही खराब स्थिति में है। पूरे देश का खर्च सिर्फ 34 लाख टैक्सपेयर्स उठा रहे हैं। यह संख्या टोटल वर्कफोर्स का सिर्फ चार प्रतिशत है। पाकिस्तान सरकार ने मिडिल क्लास के खिलाफ एक तरह से जंग छेड़ दी है। इस छोटे से वर्ग को भारी घाटे की भरपाई के लिए मजबूर किया जाता है। वहीं देश का अमीर तबका बिना टैक्स दिए मजे उड़ा रहा है। इस खराब व्यवस्थ्या ने ईमानदारी को एक क्राइम बना दिया है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी त्रासदी कम टैक्स कलेक्शन नहीं है। बल्कि अव्यवस्थित तरीके से टैक्स लगाना इसकी मुख्य वजह है। टैक्स बेस बहुत छोटा है और दरें बहुत हाई हैं। इतना ही नहीं शाहबाज सरकार लगातार मिनी बजट और सुपर टैक्स जैसी चीजें ला रही है। जिससे मध्यम वर्ग के लिए यहां रहना नरक के रहने के सामान हो गया। पेट्रोलियम पर भी भारी सेस वसूला जा रहा है। इसके बावजूद मुल्क का कर्ज और टैक्स का रेशियो 700 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है। इस पूरी व्यवस्था ने पाकिस्तान की कमर तोड़ कर रख दी है। आशीष/ईएमएस 26 फरवरी 2026