26-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वीडियो फुटेज में आरोपी भीड़ का हिस्सा बनकर हिंसा करते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं। तुर्कमान गेट इलाके में पिछले महीने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने 6 आरोपियों को जमानत दे दी। एडिशनल सेशन जज भूपिंदर सिंह ने मोहम्मद फैज़, मोहम्मद अफ्फान, शहजाद, शाहजाद, मोहम्मद इमरान और मोहम्मद फहीम को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वीडियो फुटेज में आरोपी भीड़ का हिस्सा बनकर हिंसा करते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना था कि आरोपी अपने-अपने घरों के पास गली के अलग-अलग कोनों में खड़े नजर आते हैं और ज्यादातर लोग घटनास्थल से 50 से 100 मीटर की दूरी पर ही रहते हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट में एक वीडियो क्लिप पेश करते हुए दावा किया कि उसमें एक आरोपी लोगों को मौके पर इकट्ठा होने के लिए उकसाता दिख रहा है। हालांकि बचाव पक्ष ने वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि क्लिप में सुनाई देने वाली आवाज आरोपी की ही है या सोशल मीडिया पर वायरल कोई फॉरवर्ड मैसेज। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि गैरकानूनी जमावड़े के मामलों में हर आरोपी की स्पष्ट पहचान जरूरी नहीं होती अगर यह साबित हो जाए कि अपराध के समय वह मौके पर मौजूद था। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/26/फरवरी/2026