इन्दौर (ईएमएस) कृषि जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विगत कई माह से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर आज अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उनका यह विरोध मुख्य रूप से पूर्वी रिंग रोड प्रोजेक्ट और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के खिलाफ है। इस दौरान एक किसान के बेहोश होने की बात भी सामने आई है। इंदौर कलेक्टर कार्यालय के बाहर पूर्वी रिंग रोड और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अर्धनग्न होकर किये जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने कृषि पुरस्कारों (मेडल/शील्ड) के साथ प्रदर्शन करते हुए प्रशासन पर उपजाऊ जमीन छीनने का आरोप लगाया और उचित मुआवजे के साथ नक्शा बदलने की मांग की। इस प्रदर्शन की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं - • विरोध का स्वरूप: किसानों ने अर्धनग्न होकर और गले में अपने सम्मान में मिले मेडल व शील्ड टांगकर विरोध जताया। उनका कहना है कि जिस जमीन के कारण उन्हें ये सम्मान मिले, वही जमीन अब छीनी जा रही है。 • किसान हुआ बेहोश: प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी और घबराहट के कारण एक बुजुर्ग किसान बेहोश होकर वहीं लेट गए। जब सरकारी कर्मचारी पानी लेकर पहुंचे, तो किसानों ने सरकारी पानी पीने से साफ मना कर दिया और कहा कि वे केवल अपना ही पानी पिएंगे。 • प्रभावित गांव: इस प्रोजेक्ट से लगभग 44 गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का दावा है कि यह जमीन साल में 3-4 फसलें देने वाली अति उपजाऊ सिंचित कृषि भूमि है。 • प्रमुख मांगें: - • प्रस्तावित नक्शे से उपजाऊ भूमि को हटाया जाए。 • मुआवजा राशि को वर्तमान बाजार भाव से चार गुना किया जाए。 • बिना किसानों की सहमति के भूमि अधिग्रहण न किया जाए。 • कृषि भूमि की सरकारी गाइडलाइन दरों को वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाया जाए। किसान संगठनों का आरोप है कि प्रशासन मनमाने तरीके से जमीन अधिग्रहण कर रहा है, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आनंद पुरोहित/ 26 फरवरी 2026