यरुशलम,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल दौरे के दूसरे दिन गुरुवार सुबह यरुशलम स्थित होलोकॉस्ट मेमोरियल याद वाशेम पहुंचे। यहां उन्होंने नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर के शासनकाल में शहीद हुए लगभग 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों की स्मृति को नमन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हरजोग से मुलाकात की। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान राष्ट्रपति हर्जोग ने भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत की विकास गति ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इजराइल के लोगों के दिलों में भारतीयों के प्रति गहरा स्नेह है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी ने इजराइली संसद को संबोधित किया और उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया। वे नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। होलोकॉस्ट स्मृति का प्रतीक ‘याद वाशेम’ ‘याद वाशेम’ स्मारक 1953 में नेसेट के निर्णय के बाद स्थापित किया गया था। वर्ष 2005 में यहां एक आधुनिक संग्रहालय का उद्घाटन किया गया, जिसमें होलोकॉस्ट से जुड़े दस्तावेज, तस्वीरें और पीड़ितों की व्यक्तिगत कहानियां संरक्षित हैं। परिसर में ‘हॉल ऑफ नेम्स’, बच्चों का स्मारक और ‘राइटियस अमंग द नेशंस’ गार्डन जैसी विशेष संरचनाएं भी शामिल हैं। ‘याद वाशेम’ का अर्थ है—‘स्मृति और नाम’, ताकि जिन लोगों को इतिहास से मिटाने का प्रयास किया गया, उनकी याद हमेशा जीवित रहे। हिदायत/ईएमएस 26फरवरी26