-आदित्य ठाकरे ने ठोका दावा, शरद पवार की दावेदारी से कांग्रेस भी टेंशन में नई दिल्ली,(ईएमएस)। राज्यसभा चुनाव में देशभर की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है, लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला महाराष्ट्र की सात सीटों को लेकर बन गया है। एनडीए जहां छह सीटें जीतती दिख रही है, वहीं एक सीट विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के लिए प्रतिष्ठा और एकजुटता की परीक्षा बन गई है। एमवीए में शरद पवार की एनसीपी (एसपी), उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस शामिल हैं। मौजूदा विधानसभा गणित के मुताबिक तीनों दलों के पास मिलकर इतनी ताकत है कि वे एक उम्मीदवार को जिता सकते हैं, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में सीट किसे मिले यही सबसे बड़ा सवाल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने विधायकों की संख्या के आधार पर राज्यसभा सीट पर दावा ठोका है। पार्टी का तर्क है कि 2020 में उसने एनसीपी को समर्थन दिया था, इसलिए इस बार उसका हक बनता है। पार्टी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उन्हें दोबारा भेजने की मांग उठ रही है। वहीं कुछ नेताओं का मानना है कि खुद उद्धव ठाकरे को भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। दूसरी ओर शरद पवार का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है और एनसीपी (एसपी) उन्हें दोबारा सदन भेजने के पक्ष में है। उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने साफ कहा है कि पार्टी और कार्यकर्ता चाहते हैं कि शरद पवार ही फिर राज्यसभा जाएं। पार्टी नेताओं ने सहयोगी दलों से बातचीत के संकेत दिए हैं। यहीं से सियासी उलझन बढ़ जाती है। अगर सीट पवार को दी जाती है तो शिवसेना (यूबीटी) को पीछे हटना पड़ेगा। वहीं अगर शिवसेना को प्राथमिकता मिलती है तो एनसीपी (एसपी) में असंतोष की स्थिति बन सकती है। कांग्रेस फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोल रही है। पार्टी नेतृत्व गठबंधन की व्यापक रणनीति और संभावित भविष्य के समीकरणों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहता है। कांग्रेस को एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित समीकरणों को लेकर भी सतर्कता है। माना जा रहा है कि कांग्रेस समर्थन के बदले विधान परिषद चुनावों में समायोजन चाहती है। इससे साफ है कि महाराष्ट्र की जो एक सीट सिर्फ राज्यसभा चुनाव नहीं, बल्कि महाविकास अघाड़ी के भीतर नेतृत्व, संतुलन और भविष्य की राजनीति का संकेत भी बनेगी। अब सबकी नजर गठबंधन की अगली बैठक और अंतिम फैसले पर टिकी हैं। सिराज/ईएमएस 26फरवरी26