राज्य
26-Feb-2026


जयपुर (ईएमएस)। भारतीय शिल्प संस्थान, जयपुर द्वारा एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एनएचडीपी योजना के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें राजीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सहभागिता की। कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं वक्ता श्री ओसामा मंज़र, संस्थापक-निदेशक, डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन रहे साथ ही डॉ. तुलिका गुप्ता निदेशक, आईआईसीडी तथा हस्तकला प्रमाणक के संस्थापक श्री कुणाल मौर्य भी उपस्थित रहे। ओसामा मंज़र ने शिल्पकार महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करते हुए एक लोगो मेकिंग एक्टिविटी का आयोजन कराया। इसके अंतर्गत क्रोशिया, लेदर, जूट, कशीदाकारी, बुनाई, वस्त्र निर्माण आदि क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को एक कार्य सौंपा गया, जिसमें उन्हें अपने उत्पाद और नाम के आधार पर हाथ से अपना स्वयं का लोगो डिज़ाइन करने को कहा गया। इस अभ्यास का उद्देश्य महिलाओं को ब्रांडिंग की समझ देना तथा उनके उत्पादों को एक पहचान प्रदान कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करना था।कार्यशाला के दौरान श्री मंज़र ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के रचनात्मक उपयोग, साड़ियों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की डिज़ाइनिंग, कैटलॉग तैयार करने तथा शिल्प प्रक्रिया के दौरान आने वाली चुनौतियों पर भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने एक विज्ञापन फिल्म (एड फिल्म) के माध्यम से यह भी दर्शाया कि किस प्रकार कंप्यूटर आधारित डिज़ाइन और डिजिटलीकरण के माध्यम से स्थानीय शिल्प ब्रांड वैश्विक पहचान प्राप्त कर सकते हैं। अशोक शर्मा/ 5:10 बजे/26 फरवरी 2026