* अमेरिका के दबाव में समझौता करने का लगाया आरोप; किसानों और डेयरी उद्योग के हितों से समझौता करने का दावा अहमदाबाद (ईएमएस)| विधानसभा के बाहर कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकों ने कथित ‘अमेरिकी टैरिफ डील’ के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का नाम ‘एपस्टीन फाइल्स’ में आने के कारण उन्होंने अपनी राजनीतिक छवि बचाने के लिए अमेरिका के दबाव में घुटने टेक दिए और यह ट्रेड डील कर ली। उन्होंने कहा कि “56 इंच की छाती” की बात करने वाले प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने पूरी तरह “सरेंडर” हो गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस ट्रेड डील से कपास, सोयाबीन और तिलहन की खेती करने वाले किसान तथा डेयरी उद्योग से जुड़े पशुपालक आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे। विशेष रूप से गुजरात का सहकारी डेयरी क्षेत्र गंभीर संकट में पड़ सकता है। चावड़ा ने कहा कि देशहित और किसानों के नुकसान पर की गई इस ट्रेड डील को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों, पशुपालकों और देश के हितों के विरुद्ध इस समझौते पर हस्ताक्षर क्यों किए गए? कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार लिए जा रहे टैरिफ संबंधी फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री इस पर एक शब्द तक नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस ट्रेड डील की पूरी जानकारी, शर्तें और तथ्य जनता के सामने रखे। कांग्रेस ने यह भी प्रश्न उठाया कि क्या ‘एपस्टीन फाइल्स’ में नाम उजागर होने के डर से प्रधानमंत्री ने अमेरिका के दबाव में आकर इस डील पर हस्ताक्षर किए? कांग्रेस का आरोप है कि अमेरिका के पास ऐसे दस्तावेज हैं जिनके दबाव में प्रधानमंत्री ने किसानों और पशुपालकों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली शर्तें स्वीकार कर लीं| सतीश/26 फरवरी