- सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज किया अपराध, जांच शुरू बिलासपुर (ईएमएस)। शहर में ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर दो अज्ञात युवकों ने एक रिटायर्ड अशासकीय कर्मचारी को निशाना बनाया और उनकी सोने की चेन व अंगूठी लेकर फरार हो गए। कागज में लपेटकर दिए गए सामान को जब पीडि़त ने खोला तो उसमें पत्थर निकले। पीडि़त हरि प्रसाद पटेल, निवासी रूखमणी विहार कुम्हारपारा (एलआईसी ऑफिस के पीछे) ने पुलिस को बताया कि वे 25 फरवरी की दोपहर लिंक रोड स्थित अपने बेटे की मिलन किराना स्टोर दुकान पर खाना पहुंचाने गए थे। करीब 3 बजे स्कूटी क्रमांक सीजी 10 एएच 7182 से घर लौटते समय समता कॉलोनी के पास मगरपारा क्षेत्र में पहुंचे थे, तभी यह घटना हुई। सिग्नल तोडऩे की बात कहकर धमकाया इसी दौरान काले रंग की मोटरसाइकिल (सीजी 28 लिखा हुआ, आगे का नंबर पढ़ नहीं पाए) पर सवार दो युवकों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। दोनों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि, सिग्नल तोडकऱ जा रहे हो, रोड का नियम नहीं देखते क्या। इसी बीच एक अन्य स्कूटी सवार को भी रोका और उसे थप्पड़ मारते हुए गले की चेन उतरवाकर कागज में लपेटकर वापस दे दी। घर में रखो, पहनकर मत घूमो कहकर ठगा आरोपियों ने हरि प्रसाद पटेल से भी गले में पहनी करीब 3 तोला वजनी 10 साल पुरानी सोने की चेन और हाथ की करीब 3 ग्राम वजनी सोने की अंगूठी उतरवा ली। फिर उसे कागज में लपेटकर थैले में रखते हुए कहा कि, लूटपाट हो रही है, अभी घर जाकर रख देना, पहनकर मत घूमा करो। पीडि़त जब कुछ दूरी पर जाकर कागज खोला तो उसमें दो छोटे-छोटे पत्थर मिले। वे तत्काल वापस घटनास्थल पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी फरार हो चुके थे। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध मोटरसाइकिल की तलाश की जा रही है। धोखा होना लाजिमी, हर थाने में संचालित कथित क्राइम ब्रांच इस घटना को लेकर जरूर पुलिस के द्वारा यह कहा जा रहा कि लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है और तब तक किसी पर भी भरोसा ना करें कि वह क्राइम ब्रांच का है या पुलिसकर्मी है, जब तक उनकी आईडी ना देख लें। लेकिन दूसरी ओर जिले के लगभग हर थाने में बगैर वर्दी में अघोषित क्राइम ब्रांच बरसों से चल रही है। जो पहचान में भी नहीं आते कि वे पुलिसकर्मी हैं। इतना ही नहीं क्राइम ब्रांच में भी कुछ ही स्टॉफ आईडी लगाकर काम करते नजर आते हैं, शेष स्टॉफ अपनी मर्जी से नियमों का पालन करते हैं। मनोज राज 27 फरवरी 2026