27-Feb-2026


भोपाल(ईएमएस)। मप्र विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरा नगर निगमों में काम करने इंजीनियरों को लेकर विधायक भंवर सिंह शेखावत का गुस्सा फूट पड़ा उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सीवेज और पानी की पाइप लाइन एकसाथ डाली जा रही हैं। किसी इंजीनियर को इतना ज्ञान नहीं है कि कभी फूटा फाटी हुई तो दोनों एक साथ मिलकर गंदा पानी सप्लाई कर देंगे। उन्होंने में गुस्से में कहा कि पता नहीं कि ये बिना पढ़े ही इंजीनियर कैसे बन जाते हैं। इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इनकी ट्रेनिंग के लिए एक कार्यशाला का आयोजन कर लेंगे। दरअसल, विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल में सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने पाइप लाइन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन की स्थिति खराब होने से सागर में इंदौर जैसी घटना हो सकती है। विधायक ने बताया कि 395 किलोमीटर पाइप लाइन में से 46 किलोमीटर पुरानी और जर्जर पाइप लाइन डाली गई है। उन्होंने मांग की कि जर्जर पाइप लाइन को जल्द बदला जाए।नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब में कहा कि पहले 260 किलोमीटर पाइप लाइन का प्रस्ताव था, लेकिन 395 किलोमीटर पाइप लाइन डाली गई। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत होगी, वहां नई पाइप लाइन डाली जाएगी। इससे पहले भी कई विधायकों ने सीवेज और पीने की पाइप लाइन पैरलर डालने का मुददा उठाया था तभी विधायक शेखावत का गुस्सा इंजीनियरों पर फूटा था। मंत्री ने कहा कि नगर निगम को सशक्त बनाया जाए। सांसद और विधायक निधि का उपयोग भी पाइप लाइन सुधार के लिए किया जा सकता है। विभाग आधी राशि देने के लिए तैयार है।सदन में यह भी बताया गया कि पाइप लाइन डालने के दौरान सड़कों को खोदा गया, लेकिन टाटा कंपनी द्वारा सड़कों का सही तरीके से पुनर्निर्माण नहीं किया गया।मंत्री ने कहा कि कई जगह पानी और सीवर की लाइन साथ में डाली गई हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आगे से पानी और सीवर की लाइन अलग-अलग डाली जाएं। वीरेंद्र/ईएमएस/27फरवरी2026 -----------------------------------