27-Feb-2026


-आजीवन सहयोग निधि अभियान : भाजपा में कद के हिसाब से लिया जा रहा चंदा भोपाल (ईएमएस)। भाजपा ने अपने नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए आजीवन सहयोग निधि अभियान शुरू किया है, जो 28 फरवरी तक चलेगा। इसमें कार्यकर्ता व आमजन से स्वैच्छिक तौर पर 50 करोड़ रुपये तक जुटाने की तैयारी है। वर्ष 2025 में 25 करोड़ रुपये एकत्र हुए थे। पार्टी ने इस वर्ष दो बड़े परिवर्तन किए हैं। एक तो यह कि सहयोग निधि सिर्फ डिजिटल माध्यम से ही ली जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और कोई प्रश्न नहीं उठा पाए। दूसरा यह कि 20 हजार रुपये से अधिक सहयोग निधि देने वालों का पैन नंबर भी लिया जाएगा। वहीं इस बार भाजपा के अंदर अब कद के हिसाब से चंदा लिया जा रहा है। यानी पार्टी में जिसका जितना बड़ा कद है उससे चंदे की उम्मीद भी उतनी अधिक है। विधायकों-महापौर से पांच-पांच लाख तो पार्षदों से 51-51 हजार का सहयोग लिया जा रहा है। अभी तक नगद या चेक दोनों विकल्प देकर आजीवन सहयोग निधि जुटा रही प्रदेश भाजपा अब वर्ष 2026 में सिर्फ चेक, आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए पार्टी के खाते में ऑनलाइन पैसा ले रही है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर प्रारंभ हुआ आजीवन सहयोग निधि अभियान 28 फरवरी तक चलना है। इस बार चेक के जरिए चंदा लिया जा रहा है। संगठन से लेकर सत्ता में बैठे नेताओं तक से आजीवन सहयोग निधि संग्रह की जा रही है। पार्टी ने 50 करोड़ का लक्ष्य तय किया है ऐसे में 50 हजार से लेकर पांच लाख रुपये सामान्य रूप से लिया जा रहा है। इसके ऊपर जो जितना देना चाहे। मंत्री पद वालों से राशि उससे कई गुना ज्यादा है। इसके अलावा पदाधिकारियों से भी सदस्यता निधि की राशि के लिए आग्रह किया जा रहा है। बड़े नेताओं के पास वरिष्ठ कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं। स्वेच्छा और समर्थ के अनुसार सहयोग दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि (11 फरवरी) से भाजपाई चंदा जुटाने में लगे हैं। ये आजीवन सदस्यता निधि है। सामान्यत: एक हजार रुपये से स्वेच्छा और समर्थ के अनुसार जनप्रतिनिधि-कार्यकर्ताओं से सहयोग लिया जाता है। इस बार भी लक्ष्य करीब 50 करोड़ तक पहुंचने का है। जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों पर विशेष सहयोग लिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मंत्रियों से सबसे ज्यादा सहयोग की उम्मीद की जा रही है। वहीं विधायकों से पांच-पांच लाख रुपये की मांग हुई है। अधिकांश इस राशि को देने के लिए राजी भी हो गए हैं। महापौरों को भी पांच लाख का सहयोग देना है। इसके अलावा नगर अध्यक्ष और मुख्य पदाधिकारियों से भी पांच लाख रुपये सहयोग लिया जाएगा। नगर निगम में एमआईसी और पार्षद से भी सहयोग लिया जाएगा। सभी को 51-51 हजार रुपये सहयोग लिया जाना है इसके अलावा भाजपा युवा मोर्चा के लिए दावेदारी करने वाले पदाधिकारियों को भी सहयोग में बढ़चढक़र हिस्सा लेने की सलाह दी गई है। अपने वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर दावेदारों ने 51 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का सहयोग दिया है। कई ने तो इस सहयोग को इंटरनेट मीडिया में प्रसारित किया है ताकि दूसरे भी प्रेरित हों। 15 मार्च तक देना होगा पूरा हिसाब-किताब सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय संगठन की ओर से प्रदेश भाजपा को कहा गया कि पूरे देश में चंदा कलेक्शन बंद कर दिया गया। इस पर मप्र की ओर से तर्क रखा गया कि यहां कुशाभाऊ ठाकरे के समय से चली आ रही बरसों की परंपरा है। इसी के बाद सशर्त सहयोग निधि जुटाने की अनुमति दी गई है। आजीवन सहयोग निधि कलेक्शन का काम 20 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद कलेक्शन करने वालों को 15 मार्च तक पूरा हिसाब-किताब पार्टी में देना होगा। प्रदेश संगठन की ओर से जिलों को कहा गया है कि वे जिलों के खर्च की तुलना में 2 गुना कलेक्शन करें। उदाहरण के लिए यदि जिले का खर्च प्रतिमाह एक लाख रुपए के हिसाब से सालाना 12 लाख रुपए है, तो उसे कम से कम 25 लाख रुपए कलेक्शन करना होगा। पार्टी में हिसाब चलता है कि 50 प्रतिशत प्रदेश संगठन के पास रहता है और बाकी जिलों को भेजा जाता है। विनोद / 27 फरवरी 26