27-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। चिंतन रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित सशक्त नारी, विकसित भारत सम्मेलन में अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष ने महिलाओं की आर्थिक क्षमता को विकसित भारत 2047 की परिकल्पना का केंद्रबिंदु बताया अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने विकसित भारत 2047 की विकास यात्रा में महिलाओं को केंद्रीय सूत्रधार के रूप में मान्यता देने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक क्षमता को विकसित भारत 2047 की परिकल्पना का केंद्रबिंदु बताया। वे थिंक टैंक चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (सीआरएफ) द्वारा आयोजित सशक्त नारी, विकसित भारत सम्मेलन में बोल रहीं थीं। उन्होंने अदाणी समूह की सामाजिक कल्याण एवं विकास शाखा द्वारा संचालित पहलों के माध्यम से कृषि, डेयरी, स्वास्थ्य और उद्यम के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर प्राप्त परिणामों पर चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने जमीनी स्तर की गतिविधियों और उभरते राष्ट्रीय नीतिगत ढांचों के बीच सामंजस्य पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी का स्वागत करते हुए, डॉ. अदाणी ने महिला नेतृत्व वाले विकास के पीछे नीतिगत गति को स्वीकार किया और संकल्पना से आगे बढ़कर सतत आर्थिक भागीदारी की ओर बढ़ने का आग्रह किया। जमीनी स्तर के अनुभवों का हवाला देते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सशक्तीकरण की शुरुआत पहुंच से होती है। ग्रामीण समुदायों में जहां औपचारिक शिक्षा का स्तर सीमित है, अदाणी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा, फाउंडेशन द्वारा समर्थित महिला किसानों को सरल कृषि मोबाइल एप्लिकेशन से परिचित कराया गया है जो सिंचाई, उर्वरक उपयोग, बीज चयन और मंडी मूल्य ट्रैकिंग में मार्गदर्शन करते हैं। सूचना तक बेहतर पहुंच से उच्च उत्पादकता, मजबूत आय और अधिक आत्मविश्वास प्राप्त हुआ है। दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों ने आय क्षमता को नया रूप दिया है। फाउंडेशन द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों के दुग्ध संग्रहण केंद्रों में अब 3500 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जो सामूहिक रूप से प्रतिवर्ष 75 लाख लीटर से अधिक दूध का संग्रहण करती हैं। पारदर्शी मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता परीक्षण और संगठित खरीद से आय स्थिरता और सौदेबाजी की शक्ति में वृद्धि हुई है। डॉ.अदाणी ने फाउंडेशन की प्रमुख मातृ एवं महिला स्वास्थ्य पहल, सुपोषण का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से प्रशिक्षित स्थानीय महिला स्वयंसेवकों ने प्रजनन आयु वर्ग की 32 लाख से अधिक महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहयोग किया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/27/फरवरी/2026