- गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम, रैक वाले ट्रक बने जानलेवा गुना (ईएमएस)शहर में अनियंत्रित भारी वाहनों की रफ्तार मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। शुक्रवार को कैंट थाना क्षेत्र के बजरंगगढ़ बायपास रोड पर पत्रकार कॉलोनी के सामने एक दर्दनाक सडक़ हादसा हो गया। यहाँ एक तेज रफ्तार रैक में चलने वाले ट्रक ने साइकिल से घर लौट रहे 15 वर्षीय छात्र को बेरहमी से रौंद दिया। हादसे के बाद मौके पर भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई और स्थानीय लोगों ने सडक़ पर जाम लगा दिया। इस बारे में परिजनों ने बताया कि बायपास रोड पर कोचिंग से लौट रहा था। तभी रैक के ट्रक ने उसे रौंद दिया। पिछले कई दिनों से रैक के ट्रक इसी तरह लापरवाही पूर्वक चलाकर दुर्घटनाओं केा अंजाम दे रहा है। दुर्घटना में रौनक का एक साईड का पूरा पैर कट गया। कोचिंग से लौट रहा था मासूम जानकारी के अनुसार, रौनक सिंह राजपूत (15) पुत्र मनीष सिंह राजपूत, कक्षा 9वीं का छात्र है। वह शुक्रवार शाम अपनी कोचिंग से पढ़ाई कर घर वापस लौट रहा था। जैसे ही वह पत्रकार कॉलोनी के पास बजरंगगढ़ बायपास रोड पर पहुँचा, पीछे से रैक से लौट रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्र ट्रक के पहियों के नीचे आ गया, जिससे उसके शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। जनता का फूटा गुस्सा, नारेबाजी और जाम हादसे के बाद चालक ट्रक छोडक़र मौके से फरार हो गया। घटना से आक्रोशित स्थानीय रहवासियों और राहगीरों ने तत्काल सडक़ पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप है कि इस बायपास रोड पर भारी वाहनों की गति पर कोई नियंत्रण नहीं है और आए दिन हादसे हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और यहाँ भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित करने या गति सीमा निर्धारित करने की मांग की। जाम के कारण सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अस्पताल में मची चीख-पुकार गंभीर रूप से घायल रौनक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और समझाइश देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था और बायपास पर सुरक्षा मानकों पर बड़ेे सवाल खड़ेे कर दिए हैं। परिजनों ने सीधे प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नो इंट्री में जिम्मेदारों की शह के बिना इस तरह दर्जनों ट्रक शहर में नहीं घुस सकते। -सीताराम नाटानी