27-Feb-2026
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देवरी/सागर (ईएमएस)। क्षेत्र में आयोजित श्रीराम कथा के अंतिम दिवस का माहौल भक्तिमय और भावविभोर रहा। मृगन्नाथ धाम से पधारे संत त्यागी जी महाराज ने कथा पंडाल में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण किया और उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने प्रेरक उद्बोधन से भावविभोर कर दिया। संत त्यागी जी महाराज ने कहा कि “सबसे बड़ा भजन गृहस्थ भजन-कीर्तन है।” उन्होंने कहा कि जब परिवार में भजन, कीर्तन और सत्संग की परंपरा जीवित रहती है, तब घर स्वयं तीर्थ बन जाता है। उन्होंने आगे कहा कि यह अत्यंत अद्भुत और पुण्यदायी संगम है, जब श्रद्धा, भक्ति और सत्संग एक साथ जुड़ते हैं। ऐसे अवसर बड़े भाग्य से प्राप्त होते हैं। वहीं कथा वाचक पटना वाले बाबा जी ने महाराज दशरथ के प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि राजा दशरथ आदर्श पिता, आदर्श राजा और सत्यप्रतिज्ञ शासक थे। उन्होंने बताया कि वचन पालन के लिए दशरथ जी ने अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की, जो हमें जीवन में मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। बाबा जी ने कहा कि श्रीराम कथा हमें पारिवारिक संस्कारों और धर्म पालन का मार्ग दिखाती है।महाराज जी ने श्री हरि प्रभात फेरी द्वारा किए जा रहे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था क्षेत्र में धर्म और संस्कृति के संरक्षण का सराहनीय कार्य कर रही है। गौरतलब है कि कथा के पूर्व दिवस राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया था, जबकि आज अंतिम दिवस श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से श्रीराम कथा का रसपान किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और वातावरण राममय बना रहा।इस अवसर पर संजय बृजपुरिया, पूर्व सीएमओ गौपाल बडेरिया, अभितेंद मिश्रा, आशीष गुरु, माधव तिवारी, पप्पू ताम्रकार, सुभाष ताम्रकार, भूरे बड़ेरिया, शैलेन्द्र मिश्रा, ओमप्रकाश राजपूत, नारायण गोस्वामी, अनिल सोनी, गनपत चौरसिया, बबलू ताम्रकार, मुकेश नगरिया, जीवन कोष्ठी, मनीष सोनी, गोविंद बडेरिया, आशीष सोनी, दिलीप रजक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। निखिल सोधिया/ईएमएस/27/02/2026