राज्य
27-Feb-2026


10 दिन चले बजट सत्र में कुल 62 घंटे हुई कार्यवाही भोपाल(ईएमएस)। मप्र विधानसभा की कार्रवाई शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस बजट सत्र में कुल 62 घंटे की कार्यवाही हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और बहस को सराहा। सत्र की शुरुआत 16 फरवरी से हुई थी, जिसके बाद 18 फरवरी को प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में बजट पेश किया था। विधानसभा बजट सत्र 6 मार्च तक चलना था। बजट सत्र 10 दिनो तक चला, जिसमें विभिन्न विभागों के बजट पर विस्तार से चर्चा हुई और सदन में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण पेश किए गए। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर गर्मागर्म बहस देखने को मिली। विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और विस्तृत चर्चा की सराहना की और कहा कि अगले सत्र की तारीख और समय की जानकारी बाद में साझा की जाएगी। विपक्ष ने उठाए सवाल सत्र के समय से पहले समापन पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों, विशेषकर कानून-व्यवस्था और किसानों की समस्याओं पर चर्चा से बचना चाहती है, इसलिए सत्र को आनन-फानन में समाप्त कर दिया गया। सत्र की प्रमुख उपलब्धियां सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पारित किया गया। सरकार ने कई महत्वपूर्ण संशोधनों और नए विधेयकों को सदन के पटल पर रखा और उन्हें मंजूरी दिलाई। शुक्रवार को श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल के प्रस्ताव पर मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2026 सदन में पारित हुआ। इसके साथ ही खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता, जल संसाधन, खाद्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, उद्यानिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, एमएसएमई, अल्पसंख्यक कल्याण सहित अन्य विभागों की प्रस्तावित अनुदान मांगें बिना चर्चा के ही पारित घोषित कर दी गईं। इसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश विनियोग क्रमांक-2 विधेयक दोबारा सदन में प्रस्तुत किया, जिसे ध्वनिमत से पारित घोषित कर दिया गया। विनोद उपाध्याय / 27 फरवरी, 2026