व्यापार
28-Feb-2026
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- सेंसेक्स और ‎निफ्टी में साप्ता‎हिक आधार पर एक फीसदी से अ‎धिक तेजी रही मुंबई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह मिश्रित रुझान दिखाया, जिसमें शुरुआती मजबूती के बाद मध्य और अंत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार के जानकारों का कहना है ‎कि वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच भारतीय बाजारों में स्थिरता बनी रही, निवेशकों का नजरिया तेजी से सतर्क हो गया। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष ने भी बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इस तनाव की वजह से निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। ‎जिससे सप्ताह के आ‎खिर में शेयर बाजार में एक फीसदी से अ‎धिक की ‎गिरावट देखी गई। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को हरे निशान से हुई, जब वैश्विक बाजारों में तेजी और बैंक एवं सेवा क्षेत्र में खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स ने 621.78 अंकों की बढ़त के साथ 83,436.49 पर, जबकि एनएसई निफ्टी 180.05 अंकों की तेजी के साथ 25,751.30 पर कारोबार शुरू किया। दिन के अंत तक सेंसेक्स 479.95 अंक और निफ्टी 141.75 अंक ऊपर बंद हुए। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने वैश्विक व्यापार की धाराओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा। मंगलवार को बाजार में अचानक गिरावट देखने को मिली। एआई से जुड़े संभावित व्यवधानों और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स 525.29 अंक गिरकर 82,769.37 पर और निफ्टी 145.85 अंक घटकर 25,567.15 पर खुला। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,068.74 अंक और निफ्टी 288.35 अंक गिरकर सप्ताह के शुरुआती उत्साह को झटका लगा। बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में थोड़ी बढ़त देखी गई, लेकिन दिन के अंत में सूचकांक केवल मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। गुरुवार को आईटी शेयरों में खरीदारी और विदेशी फंड प्रवाह ने शुरुआती कारोबार में बाजार को बढ़त दिलाई। हालांकि, दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 27.46 अंक गिरकर और निफ्टी 14.05 अंक बढ़कर सपाट बंद हुए। शुक्रवार को वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी फंडों की नई निकासी के चलते दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही। सेंसेक्स 961.42 अंक गिरकर 81,287.19 पर और निफ्टी 317.90 अंक घटकर 25,178.65 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह अत्यधिक अस्थिरता दिखाई। शुरुआती उत्साह के बाद मध्य सप्ताह में आईटी शेयरों और वैश्विक जोखिमों के कारण गिरावट देखी गई, जबकि सप्ताह के अंत में विदेशी फंड निकासी और वैश्विक दबाव ने बाजार को लाल निशान में बंद करवाया। निवेशकों के लिए यह सप्ताह सीखने और सतर्क रहने का रहा। सतीश मोरे/28फरवरी ---