- जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में बडा कदम-केन्द्रीय मंत्री यादव - बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क पहुंचे 9 चीते - केन्द्रीय वन मंत्री यादव ने तीन चीतों को बाडे में किया रिलीज - प्रभारी मंत्री, सांसद सहित कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद श्योपुर (ईएमएस)। भारत में चीतों की पुर्नबसाहट के लिए तीन वर्ष पूर्व शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट के तहत बोत्सवाना से लाये गये 9 चीते आज सुबह 9.30 के लगभग कूनो नेशनल पार्क पहुंचे, वायुसेना के तीन हैलीकॉप्टर से ग्वालियर एयरपोर्ट से इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में एयरलिफ्ट किया गया। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बोत्सवाना से आये 9 चीतो में से तीन चीतो को प्रतीकात्मक रूप से क्वांरटीन के लिए बनाये गये बाडो में रिलीज किया गया। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, सहरिया विकास प्राधिकारण के अध्यक्ष एवं कैबीनेट मंत्री दर्जा तुरसनपाल बरैया, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय उपस्थित रहे। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बोत्सवाना से आये 9 चीतो में से तीन चीतों को पालपुर-मेघपुरा पूर्व बीट में स्थित बाडे में छोडा गया। दो चीतों को एक बाडे में और एक चीते को एक बाडे में रिलीज किया गया। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व बोत्सवाना से वायुयान के माध्यम से 9 चीतो को ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिधिंया एयरपोर्ट लाया गया था, जहां से वायुसेना के तीन हैलीकॉप्टरो के माध्यम से कूनो नेशनल पार्क के लिए एयरलिफ्ट किया गया। इन चीतो में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल है। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने चीता रिलीज कार्यक्रम उपरांत बोत्सवाना से आये चीता विशेषज्ञ दल से भेंट कर चर्चा की गई, साथ ही इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में बडा कदम केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बोत्सवाना से लाये गये चीतों के कूनो नेशनल पार्क में रिलीज कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह बोत्सवाना और भारत के बीच जैव विविधता संरक्षण की एक ऐतिहासिक साझेदारी है। उन्होंने कहा कि बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन की दिशा में कई देश साथ आये है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल और प्रयासों से भारत में चीतों के प्रतिस्थापन की योजना पूरी तरह से सफल रही है। भारत में चीता प्रोजेक्ट को साढे तीन साल का समय हो गया है। कूनो नेशनल पार्क में चीतो का कुनबा निरंतर बढ रहा है, वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 48 हो गई है, जिनमें 45 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण में है। केन्द्रीय वन मंत्री यादव ने कहा कि भारत के प्रयासों से विश्व में जैव विविधता संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है और 97 देश इस मंच के सदस्य बन गये है। भारत में चीतों की वर्तमान स्थिति बोत्सवाना से 9 चीतों के आने के बाद अब देश में कुल चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, इनमें 45 कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में है। सबसे पहले 17 सितंबर 2022 को लाए गए 8 नामीबियाई चीतों में से 3 स्थापित हैं तथा उनके 17 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल नामीबियाई मूल की स्थापित आबादी 20 हो गई है। 18 फरवरी 2023 को लाए गए 12 दक्षिण अफ्रीकी चीतों में से 8 स्थापित हैं तथा उनके 11 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल दक्षिण अफ्रीकी मूल की स्थापित आबादी 19 हो गई है। इनमें से 16 कूनो में एवं 3 गांधी सागर में हैं। - नितेश उपाध्याय