- चंद्र ग्रहण के कारण 4 मार्च को खेली जाएगी धुलेंडी ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ भार्गव का मत, भद्रा दोष से मुक्त रहेगा होलिका दहन गुना (ईएमएस)। रंगों और खुशियों का महापर्व होली इस बार खगोलीय घटनाओं के कारण विशेष रहने वाला है। ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ भार्गव गुना के अनुसार, इस वर्ष होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत और नई फसल के आगमन के उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन 2 मार्च, सोमवार को भद्रा दोष से रहित शुभ मुहूर्त में संपन्न होगा। दहन के लिए शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक का समय अत्यंत शुभ है, जबकि देर रात 12:26 से 1:48 तक भी पूजन किया जा सकेगा। श्री भार्गव ने बताया कि होली बसंत ऋतु के आगमन एवं नई फसल की खुशी में मनाया जाता है। यह प्रेम का प्रतीक मन की बुराई को समाप्त करने का त्यौहार भाई चारे का प्रतीक है। होली का त्यौहार राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक भी है। ग्रहण का सूतक और धुलेंडी की तिथि ज्योतिषाचार्य सौरभ भार्गव ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि 3 मार्च को ग्रहण काल होने के कारण धुलेंडी यानी रंगों की होली बुधवार, 4 मार्च को मनाई जाएगी। 3 मार्च को भारत में सुबह 9:30 बजे से ग्रहण का सूतक प्रारंभ हो जाएगा, जो शाम 6:48 बजे तक रहेगा। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और पूजा-पाठ व भोजन जैसे कार्य वर्जित होंगे। इसी धार्मिक गणना के आधार पर शहरवासी 4 मार्च को एक-दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे का यह पर्व मनाएंगे। बाजारों में रौनक और बच्चों का उत्साह होली को लेकर गुना के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सदर बाजार और निचला बाजार रंग-बिरंगे गुलाल और नई-नई डिजाइनों की पिचकारियों से सज गए हैं। बच्चों को लुभाने के लिए बाजार में स्पाइडरमैन और छोटा भीम जैसी कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां छाई हुई हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर होलिका दहन के डंडे गाड़ दिए गए हैं और टोलियों में बच्चे होली का चंदा इक_ा करने में मशगूल हैं। हर तरफ फाग गीतों की गूँज सुनाई देने लगी है। पर्यावरण संरक्षण, लकड़ी नहीं, गौ-काष्ठ से जलेगी होली इस बार की होली पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जानी जाएगी। मध्य प्रदेश शासन की नई नीति के तहत इस वर्ष लकड़ी की जगह गौ-काष्ठ (गोबर की लकड़ी) के उपयोग को अनिवार्य करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। कलेक्टर को प्राप्त निर्देशों के अनुसार, जो संस्थाएं पूरी तरह गौ-काष्ठ से होलिका दहन करेंगी, उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। गुना नगर पालिका भी सीएमओ के माध्यम से लोगों से अपील कर रही है कि वे पर्यावरण बचाने के लिए उपलों और गौ-काष्ठ का ही उपयोग करें। प्रशासन द्वारा सार्वजनिक होलिका दहन के लिए नि:शुल्क पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है। -सीताराम नाटानी