- आंगनबाड़ी केंद्रों में लटके रहे ताले - रैली निकाल कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के नाम से डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन कोरबा (ईएमएस) 3 सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने 2 दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी धरना स्थल आईटीआई तानसेन चौक में हुंकार भरी। जिसकी वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटके रहे। धरना विरोध प्रदर्शन उपरांत रैली निकाल कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के नाम से डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा। इससे नौनिहालों की पोषण आहार गतिविधि प्रभावित रही। जानकारी के अनुसार आईटीआई तानसेन चौक रामपुर में हड़ताल की शुरुआत हुई। ब्लॉक स्तर पर भी आंदोलन किया गया। बताया जा रहा हैं की कार्यकर्ता और सहायिकाएं 3 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उनका कहना है कि देश में आईसीडीएस योजना को लागू हुए 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं और विभाग स्वर्ण जयंती मना रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ताओं को अभी भी सम्मान जनक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की है। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 4500 रुपए और सहायिकाओं को 2250 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, जो महंगाई के दौर में बेहद कम है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त के प्रांतीय आह्वान पर 26 और 27 फरवरी को 2 दिवसीय कार्य बहिष्कार किया गया आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोविड महामारी, निर्वाचन कार्य और एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी उनकी भूमिका रही है। इसके बावजूद शासकीयकरण, विभागीय पदोन्नति, पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और पारिवारिक दायित्वों के लिए अवकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2026-27 के केंद्रीय और राज्य बजट में भी उनकी मांगों को शामिल नहीं किया गया, जिससे देशभर के करीब 28 लाख और छत्तीसगढ़ के लगभग 1 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं में आक्रोश है। 28 फरवरी / मित्तल